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आदिवासियों ने रांची में की शिलापट्ट लगाने की कोशिश, कहा- यहां के हम मालिक, पुलिस के हाथ-पैर फूले

आदिवासियों के इस प्रयास से रांची पुलिस के हाथ पैर फूल गये.
आदिवासियों के इस प्रयास से रांची पुलिस के हाथ पैर फूल गये.

Ranchi News: शिलापट्ट लगाने आए आदिवासियों ने कहा कि रांची जिला झारखंड के 5वें अनुसूचित जिला में शामिल है. इसलिए इसका शासन और प्रशासन आदिवासियों के हाथ में है. आर्टिकल-13 के तहत यह अधिकार दिया गया है.

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रांची. झारखंड हाईकोर्ट परिसर (Jharkhand High court) में सोमवार को उस वक्त हंगामा मच गया, जब सूबे के 22 जिलों से आए पड़हा पंचायत के प्रतिनिधियों ने भारत का राजपत्र खुदा हुआ शिलापट्ट गेट नंबर-1 के पास डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने स्थापित करने की कोशिश की. हाईकोर्ट के समक्ष भीड़ को देखते हुए स्थानीय थाने की पुलिस मौके पहुंची और लोगों को वहां से हटाने का प्रयास किया. लेकिन जनजाति समुदाय (Tribals) के लोग नहीं माने. जिसके बाद आनन-फानन में पांच थानेदार, डीएसपी, एसडीओ और एसपी मौके पर पहुंचे और 3 घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें वहां से समझा-बुझाकर हटाया गया.

शिलापट्ट स्थापित करने पहुंचे पड़हा पंचायत के सदस्यों का कहना था कि संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची पैरा-6 के उप पैरा 2 के तहत आदिवासियों के मिले अधिकारों को यहां की सरकार और अधिकारी लागू नहीं होने देना चाहते हैं. यही वजह है कि यहां के आदिवासी दबे और शोषण के शिकार हो रहे हैं.

आदिवासी समुदाय के लोग ने कहा कि पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत झारखंड के आदिवासियों पर कोई केस मुकदमा लागू नहीं होता है. और उनका कानून भी अलग है. रांची जिला झारखंड राज्य के 5वें अनुसूचित जिला में शामिल है. इसका शासन- प्रशासन और नियंत्रण आदिवासियों के हाथ में हैं. आर्टिकल-13 के तहत यह अधिकार दिया गया है. यह क्षेत्र मुंडा और उरांव लोगों का है. मुंडा और उरांव का क्षेत्र पड़हा व्यवस्था से संचालित होता है.

दरअसल शिलापट्ट पर लिखा था कि रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसवां, साहेबगंज, दुमका, पाकुड़ और जामताड़ा अनुसूचित जिले हैं. अनूसूचित जिले में अभी भी झारखंड सरकार का मौजूदा कानून लागू है, जबकि झारखंड सरकार के कानून का विस्तार इन इलाकों में नहीं किया जा सकता है. अनुसूचित क्षेत्रों में आम जनता के लिए भी स्वतंत्रता का अधिकार नहीं है.


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