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झारखंड के गिरिडीह और खूंटी में खुलेंगे दो नये मेडिकल कॉलेज, जल्द केन्द्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव

झारखंड में फिलहाल 7 मेडिकल कॉलेज हैं. (फाइल फोटो)

झारखंड में फिलहाल 7 मेडिकल कॉलेज हैं. (फाइल फोटो)

मेडिकल कॉलेज (Medical College) के लिए गिरिडीह में कलेक्ट्रेट भवन के पास 20 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है, जबकि खूंटी में शहर से 20 मिनट की दूरी पर 24 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है.

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रांची. झारखंड में दो नये मेडिकल कॉलेज (Medical College) खोले जाएंगे. राज्य सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. गिरिडीह और खूंटी में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य प्रगति पर है. गिरिडीह में समाहरणालय के पास सीसीएल की 20 एकड़ जमीन को मेडिकल कॉलेज के लिये चिह्नित किया गया है. वहीं खूंटी में 24 एकड़ जमीन पर नये मेडिकल कॉलेज का निर्माण करने की योजना है. खूंटी मेडिकल कॉलेज को लेकर अगले 15 दिन में जमीन अधिग्रहण की औपचारिकता पूरी होने संभावना है.

शनिवार को स्वास्थ्य सचिव केके सोन ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए गिरिडीह में कलेक्ट्रेट भवन के पास 20 एकड़ की जमीन चिन्हित की गई है, जबकि खूंटी में शहर से 20 मिनट की दूरी पर 24 एकड़ की जमीन चिन्हित की गई है. उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण के बाद इसकी जानकारी केंद्र सरकार को दी जाएगी. ये केंद्र सरकार को तय करना है कि यहां के मेडिकल कॉलेजों में कितनी सीटें होंगी.


स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि गिरिडीह में चिह्नित जमीन अभी सीसीएल के पास है. सीसीएल से एनओसी को लेकर बातचीत हो गई है. डीसी से जमीन का ब्योरा मिलते ही सीसीएल को एनओसी के लिए प्रस्ताव भेज दिया जाएगा. सीसीएल से एनओसी मिलते ही इस सिलसिले में भारत सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा. वहीं खूंट की जमीन अगले 15 दिन में स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर हो जाएगा. इसका अधिकार डीसी के पास ही है.


झारखंड में फिलहाल 7 मेडिकल कॉलेज


झारखंड में फिलहाल 7 मेडिकल कॉलेज हैं. रांची, धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू और दुमका में एक-एक मेडिकल कॉलेज हैं. देवघर में एम्स का निर्माण जारी है. इन दो नए मेडिकल कॉलेज के बन जाने से राज्य में कुल 9 मेडिकल कॉलेज हो जायेंगे. इनमें एमबीबीएस की एक हजार से अधिक सीटों पर छात्रों का दाखिला हो सकेगा.


ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने पर फोकस


स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि सरकार का मेन फोकस राज्य की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है. इसके लिए पीएचसी और सीएचसी में डॉक्टर की संख्या को बढ़ाया जा रहा है. साथ ही बुनियादी समस्याओं को भी दूर किया जा रहा है. रांची स्थित रिम्स एक रेफरल अस्पताल है. कोशिश ये है कि छोटी बीमारियों का इलाज छोटे अस्पतालों में ही हो जाए. रिम्स में बड़ी समस्या होने पर ही लोग आएं.


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