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Unlock 1 में झारखंड सरकार देगी ये रियायतें, यहां देखें पूरी लिस्‍ट

सीएम हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत सोरेन

Unlock 1.0 के दौरान झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने शहरी क्षेत्रों में घड़ी, मोबाइल, ज्वेलरी शॉप, मोटर वर्कशॉप, कॉल सेंटर समेत कई प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दे दी है.

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रांची. अनलॉक 1 (Unlock 1.0) में झारखंड की हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) सरकार ने कई छूट का ऐलान कर दिया है. सरकार के आदेश के मुताबिक अब शहरी नगर निकाय क्षेत्रों में घड़ी, मोबाइल, ज्वेलरी, मोटर वर्कशॉप, होम डिलीवरी के जरिए रेस्टोरेंट की सुविधा, कॉल सेंटर, आईटी हार्डवेयर प्रोडक्ट, बिजली दुकान, फर्नीचर सहित कई प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दे दी है. इसके अलावा राज्‍य सरकार ने जिले के भीतर ऑटो चलाने की अनुमति भी दे दी है, लेकिन राज्‍य में बस परिचालन को फिलहाल हरी झंडी नहीं दी गई है.

झारखंड के लोगों को मिलीं ये रियायतें

• मोबाइल सर्विस सेंटर, घड़ी दुकानें, इलेक्ट्रॉनिक दुकान, टीवी और कम्प्यूटर से संबंधित सभी दुकानें और कॉल सेंटर खुलेंगे.
• भारी मशीनरी, जेनरेटर, आइटी के हार्डवेयर पार्ट्स, नेटवर्किंग से संबंधित सामग्री, सॉफ्टेवयर और टेलीकॉम से संबंधित सामग्री की दुकानें खुलेंगी
• ऑटोमोबाइल सेक्टर अब उड़ान भर सकेगा.


• ज्वेलरी, चश्मे की दुकान, किचन से संबंधित सारी दुकानें, फर्नीचर, गैरेज, मोटर वर्कशॉप आदि को खोला जा सकेगा.
• होम डिलीवरी के लिए रेस्टोरेंट खोले जाएंगे.
• जिले के अंदर रिक्शा, टेंपो, ई-रिक्शा और नॉर्मल रिक्शा का परिचालन होगा.

बस परिचालन पर लगी रहेगी रोक

लॉकडाउन के पांचवें चरण यानी Unlock 1.0 के दौरान राज्‍य में बस परिचालन को लेकर संभावना जताई जा रही थी, लेकिन सरकार ने फिलहाल इसकी हरी झंडी नहीं दी है. राज्य में प्रवासी मजदूरों के आने के कारण लगातार आ रहे कोरोना पॉजिटिव केसों को देखते हुए सरकार ने भीड़भाड़ होने की आशंका वाली सभी जगहों को खोलने की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है.

अब भी बाहरी राज्यों में फंसे हैं प्रवासी मजदूर

आपको बता दें कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जो लॉकडाउन के दौरान दुर्गम स्थानों पर फंसे मजदूरों को एयर लिफ्ट कराकर प्रदेश ला रहा है. राज्य सरकार ने अपने खर्च पर पहले लेह से 60 मजदूर और फिर अंडमान से 180 मजदूरों को एयर लिफ्ट कराकर प्रदेश वापस लाया है. अभी भी सैकड़ों झारखंडी मजदूर अंडमान और उत्तर-पूर्वी राज्यों के दुरूह इलाकों में फंसे हुए हैं. इन मजदूरों की भी एयर लिफ्टिंग की तैयारी में सरकार जुटी हुई है. सबसे पहले नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु के छात्रों ने 11 लाख रुपये चंदा कर मुंबई से 174 झारखंड मजदूरों को रांची भेजा था.

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