झारखंड अनलॉक 5.0: सभी धार्मिक स्थल खोलने का निर्णय, राज्य सरकार ने जारी की नई गाइडलाइंस

अनलॉक 5.0 में कई तरह की रियायतें देने की तैयारी है. (न्‍यूज 18 इस्‍ट्रेशन)
अनलॉक 5.0 में कई तरह की रियायतें देने की तैयारी है. (न्‍यूज 18 इस्‍ट्रेशन)

स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान से लेकर सिनेमा हॉल सारे मल्टीप्लेक्स बंद ही रहेंगे. दुर्गा पूजा को लेकर जारी आदेश में इस बार राज्यवासी ना तो गरबा का आनंद उठा पायेंगे और ना ही बच्चों के लिए मेला में लगा झूला देखने को मिलेगा.

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रांची. राज्य सरकार ने अनलॉक 5.0 में सभी धार्मिक स्थलों को 8 अक्टूबर से खोलने का निर्णय लिया है जिसके लिए गाइडलाइंस अलग से जारी की जायेगी. वहीं दुर्गा पूजा के आयोजन से लेकर अन्य कार्यों के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिये गये हैं. राज्य आपदा विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत 8 अक्तूबर 2020 से सभी मंदिर, मस्जिद समेत तमाम इबादतगाह को खोल दिया जायेगा. वहीं 30 सितंबर तक के लिए अनलॉक-4 में जारी अन्य सारी पाबंदियां बरकरार रखी गयी हैं.

स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान से लेकर सिनेमा हॉल सारे मल्टीप्लेक्स बंद ही रहेंगे. दुर्गा पूजा को लेकर जारी आदेश में इस बार राज्यवासी ना तो गरबा का आनंद उठा पायेंगे और ना ही बच्चों के लिए मेला में लगा झूला देखने को मिलेगा. दुर्गा पूजा का आयोजन मंदिर, घरों के अलावा छोटे स्तर पर तैयार किये गये पंडालों में किया जा सकता है, जहां किसी तरह का कोई भीड़ नहीं होगी, सिर्फ पूजा होगी. पंडालों को ऐसा बनाया जाना है, जिसमें बाहर से कोई मूर्ति नहीं दिख सके और ना ही भीड़ लग सके.

पूजा पंडाल या आसपास के इलाके में लाइटिंग करने पर पाबंदी रहेगी किसी तरह का थीम पर कोई पंडाल या मंडप नहीं बनेगा. तोरण द्वार या स्वागत गेट आयोजन के दौरान नहीं बनाया जायेगा, सिर्फ पंडाल में जहां मूर्ति रहेगी, वहीं ढंका हुआ रहेगा नहीं तो सारा एरिया खुला हुआ रखने को कहा गया है.



मूर्ति की साइज 4 फीट तक निर्धारित की गई है. कोई पब्लिक एड्रेस सिस्टम, लाउडस्पीकर सिस्टम नहीं रहेगा. किसी तरह का मेला नहीं लगेगा और ना ही फूड स्टॉल लगेंगे. दुर्गा पूजा के पंडाल में एक समय में पुजारी और आयोजक को मिलाकर सिर्फ 7 लोग ही रह सकते हैं. विसर्जन जुलूस नहीं निकलेगा, सिर्फ प्रशासन जहां तय करेगा, वहां सादगी से जाकर विसर्जन कर दिया जाना है. किसी तरह का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा और ना ही किसी तरह का कोई प्रसाद, भोग वितरण या भोज कराने की इजाजत होगी. पंडाल या मूर्ति का उदघाटन कार्यक्रम नहीं होगा.
गरबा या डांडिया का कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा. रावण का पुतला दहन को लेकर किसी तरह का कोई बड़ा आयोजन करने पर रोक रहेगी. सारे आयोजन के दौरान जो आयोजक और पुजारी हैं, वे मास्क पहने होने चाहिए. 6 फीट का पब्लिक डिस्टेंस होना जरूरी है जो लोग पूजा पंडाल या मंडप में होंगे, वे लोग सफाई का ख्याल रखेंगे और कोविड-19 के सारे प्रोटोकॉल का पालन करेंगे पूजा के आयोजित स्थानीय प्रशासन के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे जिले के डीसी और एसपी इन सारे नियमों का अनुपालन करायेंगे. अगर किसी ने इस तरह के नियम का उल्लंघन किया तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी.

लॉकडाउन के दौरान यह नियम प्रभावी रहेंगे. जितने भी धार्मिक स्थल होंगे, उसमें सुप्रीम कोर्ट के एसओपी का पालन होगा, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा.

- दारू, पान, तंबाकू के सेवन पर पाबंदी रहेगी.
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की पाबंदी रहेगी
- राज्य के भीतर ही आने जाने को लेकर जो नियम लागू किया गया था, वह प्रभावी रहेगा
- अंतिम संस्कार में 20 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकते हैं
- शादी विवाह या अन्य समारोह में 50 से अधिक लोग नहीं जुटेंगे
- 6 फीट का सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा
- मास्क पहनना अनिवार्य होगा
- शॉपिंग मॉल सामान्य तरीके से जिन नियमों से चल रहा है, वह चलता रहेगा
- होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाऊस, पब्लिक ट्रांस्पोर्ट पूर्व के नियमों से ही चलेंगे. ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
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