उत्तराखंड ग्लेशियर हादसे में मारे गये झारखंड के 11 मजदूरों के शव को अबतक नहीं भेजा गया, CM हेमंत ने राजनाथ सिंह से मांगी मदद

सीएम हेमंत सोरेन के मुताबिक रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ की कार्यप्रणाली पर नराजगी जताते हुए मदद का भरोसा दिलाया है. (फाइल फोटो)

सीएम हेमंत सोरेन के मुताबिक रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ की कार्यप्रणाली पर नराजगी जताते हुए मदद का भरोसा दिलाया है. (फाइल फोटो)

बीते 23 अप्रैल की शाम को उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने से झारखंड के 11 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि सात मजदूर घायल हो गए. ये सभी मजदूर सीमा सड़क संगठन के लिए काम कर रहे थे.

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इनपुट- अबिनाश कुमार

रांची. उत्तराखंड के जोशीमठ में गत 23 अप्रैल को ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हुआ. इस घटना में झारखंड के 11 मजदूरों की मौत हो गई. ये मजदूर सीमा सड़क संगठन (BRO) में काम कर रहे थे. बीआरओ ने अभी तक मृत श्रमिकों के शव को झारखंड भेजने के लिए पहल नहीं की है. इस बात से नाराज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारी को आदेश देने का आग्रह किया है. सीएम ने फोन पर भी रक्षा मंत्री से बात की.

सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा, 'उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से बीआरओ में काम कर रहे वीर श्रमिकों को हमने खो दिया था. मृतकों को झारखण्ड भेजने हेतु बीआरओ द्वारा अभी तक कार्यवाई नहीं की गयी है. हालांकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ की कार्यप्रणाली पर आक्रोश जताते हुए मदद का आश्वासन दिया है.'


बता दें कि 23 अप्रैल की शाम को उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने से झारखंड के 11 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि सात मजदूर घायल हो गए. ये सभी मजदूर सीमा सड़क संगठन के लिए काम कर रहे थे. इनमें से पांच घायलों का उपचार जोशीमठ चिकित्सालय और 2 व्यक्तियों का उपचार देहरादून में हो रहा है. हादसे के सभी मृतक और घायल झारखंड के ही रहने वाले हैं.

इनकी हुई मौत



तारिनी सिंह : पहाड़ीडीह, दुमका





मनोज टंडर: जलवे, दुमका



रोहित सिंह: पहाड़ीडीह, दुमका



नियारन कंडुलना: बलांकेल, खूंटी



पॉल कंडुलना: बलांकेल,खूंटी



हनुक कंडुलना: बलांकेल, खूंटी



साजेन कंडुलना: बलांकेल, खूंटी



मसीह दास मार्की: गंजना, पश्चिम सिंहभूम



राहुल कुमार: कांजो, दुमका



निर्मण सांडिल: सरंगडीह, रांची



सुखराम मुंडा: करूडीह, रांची



सीमा पर सड़क बनाने बड़ी संख्या में गये युवा

ध्यान रहे कि झारखंड से पिछले साल लॉकडाउन की अवधि में हजारों की संख्या में श्रमिक बीआरओ के माध्यम से सीमा पर सड़क निर्माण करने के लिए गए. इनमें से अधिकांश श्रमिक संताल परगना प्रमंडल के रहने वाले हैं. इसके अलावा आदिवासी बहुल खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, गुमला, लोहरदगा और लातेहार जिले से भी बड़ी संख्या में श्रमिक काम करने गए हैं.



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