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झारखंड में बीजेपी की सहयोगी पार्टी ही क्यों उसके खिलाफ खड़े कर रही है उम्मीदवार

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Updated: November 16, 2019, 6:16 PM IST
झारखंड में बीजेपी की सहयोगी पार्टी ही क्यों उसके खिलाफ खड़े कर रही है उम्मीदवार
सुदेश महतो अब झारखंड में अपनी पार्टी आजसू की ताकत बढ़ाकर अगली सरकार में और हिस्‍सेदारी चाहते हैं.

महाराष्‍ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों (Maharashtra Haryana assembly election) के नतीजे देखते हुए आजसू अब झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly election 2019) में अपनी ताकत बढ़ाने के मूड में है. उसने निश्‍चय किया है कि वह हर उस सीट पर चुनाव लड़ेगी, जहां पर उसे अच्‍छे वोट मिल सकते हैं. बावजूद इसके कि बीजेपी ने उसके लिए सीटें छोड़ रखी हैं. आजसू (AJSU) बीजेपी के बागियों को टिकट देने से भी पीछे नहीं हट रही है.

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  • Last Updated: November 16, 2019, 6:16 PM IST
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सुमित पांडे
नई दिल्ली. झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly election 2019)  दिलचस्प होते जा रहे हैं. बीजेपी (BJP) और उसकी सहयोगी पार्टी (AJSU) के बीच गठबंधन को लेकर कुछ भी साफ नहीं है. आजसू उन सीटों पर भी अपने उम्मीवार खड़े कर रही है, जहां बीजेपी के उम्मीदवार हैं. जबकि बीजेपी ने उसके लिए 9 सीटें पहले ही छोड़ रखी हैं. अब सवाल ये है कि क्यों बीजेपी की सहयोगी उसकी ही मुसीबतें बढ़ा रही है. जबकि दोनों के बीच आधिकारिक तौर पर गठबंधन टूटा नहीं है. इसके पीछे हाल में हुए विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के परिणाम को देखते हुए सुदेश महतो (Sudesh Mahato) और उनकी पार्टी आजसू की बढ़ती महत्वकांक्षा बताई जा रही है.

हाल में महाराष्‍ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों (Maharashtra Haryana assembly election) के नतीजे देखते हुए आजसू अब अपनी ताकत बढ़ाने के मूड में है. उसने निश्‍चय किया है कि वह हर उस सीट पर चुनाव लड़ेगी, जहां पर उसे अच्‍छे वोट मिल सकते हैं. बावजूद इसके कि बीजेपी ने उसके लिए सीटें छोड़ रखी हैं. आजसू (AJSU) बीजेपी के बागियों को टिकट देने से भी पीछे नहीं हट रही है. सुदेश महतो अब राज्‍य में अपनी ताकत बढ़ाकर अगली विधानसभा में और हिस्‍सेदारी चाहते हैं. उनका सोचना है कि अगर किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला तो वह सरकार बनाने के बदले सरकार में और हिस्‍सेदारी चाहेंगे. महाराष्ट्र के कड़वे अनुभव के बाद बीजेपी झारखंड में थोड़ी चिंतित है. वहां किस तरह से मात्र 56 सीट जीतकर शिवसेना अब एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रही है.

15 साल से बीजेपी के साथ है आजसू

15 साल पहले 2005 में जब झारखंड में पहले विधानसभा चुनाव हुए थे, उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी. तब केंद्र में बीजेपी विपक्ष में थी. राजनाथ सिंह पार्टी के महासचिव थे. वह राज्य के प्रभारी थे. चुनाव के बाद परिणाम आए तो किसी को बहुमत नहीं मिला. बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनी, बहुमत से वह सिर्फ 5 सीटें पीछे थी, लेकिन उस समय के राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी ने सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका नहीं दिया. इसके विरोध में बीजेपी ने राजभवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया. राजनाथ सिंह खुद उस समय वहां पर मौजूद थे.

विरोध प्रदर्शन के दौरान ही राज्यपाल की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी की गई, इसके अनुसार जेएमएम के नेता शिबू सोरेन को राज्य का मुख्यमंत्री बना दिया गया. साथ ही उन्हें अपना बहुमत साबित करने के लिए समय दे दिया गया. हालात तुरंत बदल गए बीजेपी ने अपने 30 और बाकी सहयोगी दलों के सदस्यों समेत 40 विधायकों को रांची की एक सुरक्षित जगह भेज दिया. इनमें 5 निर्दलीय विधायक भी थे. इनमें हरिनारायण राय, एनस एक्का, मधु कोड़ा के अलावा उस समय नई पार्टी बनी आजसू के दो विधायक भी शामिल थे. इनमें एक थे सुदेश महतो.

फिर ऐसे बड़ी ताकत बनते गए सुदेश महतो 
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बाद में फ्लोर टेस्ट में शिबू सोरेन अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए और उनकी सरकार गिर गई. इसके बाद बीजेपी के अर्जुन मुंडा राज्य के नए मुख्यमंत्री बने. निर्दलीय विधायकों को मंत्री पद मिला. लेकिन इनमें सबसे ज्यादा फायदे में रहे आजसू के सुदेश महतो. उन्होंने बहुत कम समय में अपना समर्थन का दायरा बढ़ा लिया. वह बहुत कम समय से झारखंड की राजनीति में जाना माना नाम बन गए.

भौगोलिक रूप से झारखंड तीन से चार हिस्सों में बंटा है. इनमें एक संथाल परगना है. ये क्षेत्र पश्चिम बंगाल से लगा हुआ है. यहां पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का वर्चस्व है. जमशेद के आसपास का इलाका कोलहन है. वहीं झारखंड का मध्‍य का हिस्‍सा छोटा नागपुर के रूप में प्रचलित है. यहां पर कुर्मी वोटरों का प्रभाव है. आजसू के सुदेश महतो का प्रभाव यहीं पर है. सुदेश महतो पिछले 15 साल से बीजेपी के साथ हैं. उन्‍होंने आखिरी विधानसभा चुनाव भी बीजेपी के साथ लड़ा था. तब बीजेपी को बहुमत मिला था, हालांकि खुद महतो सिल्‍ली से चुनाव हार गए थे.

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First published: November 16, 2019, 5:02 PM IST
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