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Jharkhand: क्या झारखंड में भी रिपीट होगा बिहार का राजनीतिक इतिहास? राज्यपाल के फैसले पर टिकी सबकी नजरें

Jharkhand: क्या झारखंड में भी रिपीट होगा बिहार का राजनीतिक इतिहास? राज्यपाल के फैसले पर टिकी सबकी नजरें

खनन लीज मामले में अपने आप को घिरता देख सीएम हेमंत सोरेन आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की तरह अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को झारखंड का सीएम बना सकते हैं.

खनन लीज मामले में अपने आप को घिरता देख सीएम हेमंत सोरेन आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की तरह अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को झारखंड का सीएम बना सकते हैं.

Jharkhand Political Crisis: दरअसल जिस तरह से खनन लीज मामले में सीएम हेमंत सोरेन के सदस्यता रद्द होने की चर्चा के बीच झारखंड में सियासी अटकलों का बाजार तेज हो गया है. झारखंड में बिहार का 25 साल पुराना इतिहास दोहराने की बात कही जा रही है.

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हाइलाइट्स

इन दिनों झारखंड में बिहार का 25 साल पुराना राजनीतिक इतिहास दोहराने की चर्चा तेज हो गयी है.
1997 में लालू यादव ने जेल जाने से पहले पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का सीएम बना दिया था.
खनन लीज मामले में फैसले को देखते हुए हेमंत सोरेन पत्नी कल्पना सोरेन को सीएम पद की कुर्सी सौंप सकते हैं.

रांची. बिहार में इसी महीने हुये सियासी उलटफेर के बाद अब झारखंड में भी राजनीतिक फेरबदेल की चर्चा तेज हो गयी है. हालांकि विधानसभा आंकड़ों के अनुसार फिलहाल झारखंड में बिहार की तरह सरकार बदलने की तो नहीं लेकिन राज्य को नया सीएम मिलने की बात तेजी से उठने लगी है. दरअसल जिस तरह से खनन लीज मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर चुनाव आयोग की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी जा चुकी है. ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के इस मामले में राज्यपाल कुछ घंटे बाद ही हेमंत सोरेन के सदस्यता रद्द होने का फैसला सुना सकते हैं. ऐसे में झारखंड में बिहार का 25 साल पुराना इतिहास दोहराने की बात कही जा रही है.

दरअसल 25 साल पहले जब बिहार और झारखंड अलग-अलग राज्य नहीं थे, तब बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाला मामले में जेल जाने से पहले अपनी पत्नी राबड़ी देवी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया था. अब उसी तरह जब हेमंत सोरेन माइनिंग लीज मामले में फंसते दिख रहे हैं तो ऐसी चर्चा होने लगी है सीएम सोरेन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को बिठा सकते हैं.

सियासी हलचल के बीच सत्ता पक्ष ने बुलाई अहम बैठक 

हालांकि अभी इसको लेकर सत्ता पक्ष से कहीं भी कोई बयान या संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन जिस तरह से चुनाव आयोग के फैसले के पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर सत्तापक्ष की बैठक हुई  उसको लेकर कई चर्चाएं तेज हो गयी हैं. इस बैठक में जेएमएम, कांग्रेस और राजद के विधायक शामिल हुये. बताया जा रहा है कि आज दोपहर 1:30 बजे के बाद राज्यपाल रमेश बैस कभी भी ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में बड़ा फैसला सुना सकते हैं.

झारखंड की राजनीति को अच्छे से समझती हैं कल्पना सोरेन 

बता दें, कल्पना सोरेन काफी-पढ़ी लिखी महिला हैं और झारखंड की राजनीति को काफी अच्छे से समझती हैं. हालांकि कल्पना सोरेन सक्रिय राजनीति में हिस्सा नहीं लेती हैं. लेकिन परिवार में राजनीतिक माहौल होने की वजह से उनकी दिलचस्पी राजनीतिक घटनाओं में रहती है. कल्पना सोरेन महिला विकास कार्यक्रमों में खूब हिस्सा लेती हैं. उन्होंने भविष्य में राजनीति में शामिल होने के सवाल पर कल्पना सोरेन का कहा था कि वो फिलहाल अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं और इसी में खुश हैं. वह सोरेन पारिवारिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं. माना जाता है कि परिवार के भीतर महत्वपूर्ण भूमिका है. राजनीतिक तौर पर बेहद सक्रिय परिवार के बीच रहने के बावजूद कल्पना राजनीतिक तौर पर सक्रिय रहने से खुद को बचा लेती हैं. हालांकि सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी की वजह से वो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं.

Tags: Bihar News, CM Hemant Soren, Jharkhand news, Jharkhand Politics

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