आईआईएम में मिली ट्रेनिंग के बावजूद कामकाज का ढर्रा पुराना

Rajesh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 14, 2017, 12:37 AM IST
आईआईएम में मिली ट्रेनिंग के बावजूद कामकाज का ढर्रा पुराना
मंत्रियो के काम करने के तरीके में कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिल रहा है.
Rajesh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 14, 2017, 12:37 AM IST
झारखंड में रघुवर सरकार के मंत्रियों को शासन के गुर सिखाने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी गई. मगर ट्रेनिंग का कोई खास प्रतिफल नहीं दिख रहा है. कामकाज की शैली पहले जैसी ही बनी हुई है. विभागीय मंत्रियों और सचिवों के बीच तनातनी बनी हुई है.

बता दें कि चंद माह पहले ही झारखंड के मंत्रियों को ट्रेनिंग दी गई थी. लीडरशिप और बेहतर शासन व्यवस्था के लिए यह ट्रेनिंग आईआईएम अहमदाबाद की ओर से दी गई. तीन दिनों तक सरकार के नौ मंत्रियों ने अहमदाबाद जाकर पढ़ाई की. एक्सपर्ट से कुछ ज्ञान पाया. लेकिन ट्रेनिंग लेने के बावजूद उनके कामकाज का ढर्रा वैसा ही है. वैसे मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि उन्हें ट्रेनिंग लेने से लाभ हुआ है.

मालूम हो कि रघुवर सरकार ने आईआईएम अहमदाबाद को इसलिए चुना था कि यहां लीडरशिप का मोटिवेशनल ट्रेनिंग काफी अच्छा है. मगर झारखंड सरकार में मंत्री और सचिव के बीच विवाद का पुराना किस्सा कायम है. फाइल की ट्रैकिंग होती है. अधिकारी मंत्री को कम तवज्जों दे रहे हैं. मंत्री सरयू राय खासे नाराज रहते हैं. वहीं सरकार का कार्मिक विभाग ट्रेनिंग को एक सतत प्रक्रिया मानता है.

मंत्रियों की ट्रेनिंग को लेकर सरकार की अपेक्षा थी कि इसका गुणात्मक प्रभाव पड़ेगा. वहीं मंत्रीगण मिली ट्रेनिंग पर स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं बोलते कि आखिर उन्हें क्या लाभ हुआ है. बता दें कि नौकरशाहों को भी ट्रेनिंग दी गई है.
First published: October 13, 2017
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