रांची: DGP का फर्जी फेसबुक अकाउंट बना पैसे मांगने वाला शख्स मथुरा से गिरफ्तार

झारखंड डीजीपी नीरज सिन्हा के नाम से फर्जी फेसबुक पर प्रोफाइल बनाने वाले मथुरा से गिरफ्तार

झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा के नाम से फर्जी फेसबुक पर अकाउंट बनाने वाले अपराधी को रांची पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधी का नाम लियाकत है.

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रांची. झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे की ठगी करने वाले शातिर साइबर अपराधी लियाकत को रांची पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार कर लिया है. झारखंड के जामताड़ा की तरह उत्तर प्रदेश के मथुरा में भी साइबर अपराधियों का एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है, जो युवाओं को ट्रेंड कर साइबर अपराधी बनाने का काम कर रहा है. इसी गिरोह ने झारखंड के डीजीपी का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर कई लोगों से पैसे की डिमांड की थी.

झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा के नाम से फर्जी फेसबुक पर अकाउंट बनाने वाले अपराधी को रांची पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधी का नाम लियाकत है. इसके पास से पुलिस ने उस मोबाइल को भी बरामद किया है जिससे डीजीपी का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया गया था. मामले की जानकारी देते हुए रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि बीते 18 मई को डीजीपी नीरज सिन्हा के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों के फेसबुक पर रिक्वेस्ट भेज कर मैसेंजर के माध्यम से फोन पे और बैंक के अकाउंट नंबर पर रुपये की मांग की जा रही थी.

इस मामले में धुर्वा थाना में मामला दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर डीएसपी यशोधरा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया. पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए मथुरा से साइबर अपराधी लियाकत को गिरफ्तार किया है. साइबर अपराधी ने इस कार्य में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और पुलिस को आरोपी के पास से मोबाइल और एटीएम कार्ड भी बरामद किया गया है.

मथुरा बना साइबर अपराध का हब
आरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में बताया कि मथुरा में एक गैंग है जो युवाओं को साइबर ठगी की ट्रेनिंग देता है और युवा पैसे की लालच में अपराध की इस दुनिया मे धंसते जा रहे हैं. एसएसपी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर कोई भी आपके परिचित के फेसबुक या फिर किसी अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से पैसे मांगता है तो इस पूरे मामले को लेकर पहले पूरी तरह आश्वस्त हो जाएं और उसके बाद ही पैसे भेजें.