साहेबगंज: पत्रकारों पर अफवाह फैलाकर ग्रामीणों की भीड़ जुटाने का आरोप, सीएम सोरेन बोले- शर्मनाक
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साहेबगंज: पत्रकारों पर अफवाह फैलाकर ग्रामीणों की भीड़ जुटाने का आरोप, सीएम सोरेन बोले- शर्मनाक
साहेबगंज में प्रदर्शन करते स्‍थानीय लोग. (फोटो- न्‍यूज18 हिन्‍दी)

झारखंड सीएम हेमंत सोरेन बोले- इस महामारी के वक्त पत्रकारिता का राजनीतिकरण तकलीफ़देह एवं लोकतन्त्र के लिए अत्यंत घातक है.

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  • Last Updated: April 26, 2020, 3:11 PM IST
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साहेबगंज. कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर राज्य सरकार जहां अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की बार-बार अपील कर रही है वहीं साहेबगंज के पतना प्रखंड में लाल कार्ड मिलने की अफवाह पर सैकड़ों ग्रामीण सड़कों के किनारे आ बैठे. सड़कों पर किनारे बैठे लोगों को किसी ने खबर दी कि लाल कार्ड का वितरण किया जा रहा है. इसी अफवाह पर सैकड़ों ग्रामीण केन्दुआ गांव में सड़कों के किनारे बैठ गए. आदिवासी संथाल समुदाय के ग्रामीणों में कई लोगो थाली लेकर सड़क किनारे बैठ गए.

मामले पर सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने ट्वीट किया है. उन्होंने कहा कि यह वाक़ई शर्मनाक स्थिति है. मेरी छवि को धूमिल कर अपनी राजनीति साधने की यह कोशिश आप अब अच्छे से समझ सकेंगे. इस महामारी के वक्त पत्रकारिता का राजनीतिकरण तकलीफ़देह एवं लोकतन्त्र के लिए अत्यंत घातक है. जहां पिछले सरकार में राज्य पर लगातार भूखमरी का कलंक लगा वही इस आपदा के दौर में भी आपकी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि कोई झारखंडी भूखा नहीं सोएगा. आज यह स्थिति कुछ लोगों को खटक रही है जिसके कारण ऐसी निम्न स्तर की राजनीति हो रही है मेरे ख़िलाफ़.

इस मामले में राजमहल एसडीओ कर्ण सत्यार्थी ने बताया कि अफवाह पर कुछ लोगों को किसी ने बुलाया था. ऐसे लोगों को प्रशासन ने चिन्हित कर लिया है. मौके पर पहुंचे एसडीओ ने बताया कि लाल कार्ड लेने के नाम पर कई अयोग्य लोगों की भीड़ जमा हो गई जिनके पास अपना मकान और गाड़ी है. पतना प्रखंड के बीडीओ चंदन कुमार सिंह ने बताया कि 136 लोगों का राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन मिला था. जिसमें 25 लोगों को राशन भी दे दिया गया था और रविवार को बचे हुए लोगों को राशन दिया जाना था,लेकिन कुछ लोगों के द्वारा अफवाह फैला दी गयी कि लाल कार्ड का वितरण किया जा रहा है.



इसके बाद एक मोबाईल का ऑडियो क्लिप भी वायरल हुआ जिसके बाद मामले में नया मोड़ आ गया. दरअसल ऑडियो क्लिप में कुछ स्थानीय नेताओं और पत्रकारों द्वारा इस भीड़ को प्रायोजित तरीके से बुलाने का खुलासा हुआ. इसके बाद दो पत्रकारों और स्थानीय नेताओ की क्लिप के आधार पर प्रशासन ने जांच में सत्यता पाई. इसी आधार पर जिला प्रशासन ने दो स्थानीय पत्रकारों समेत पांच बिचौलिए पर प्राथमिकी दर्ज कराई है.



उपायुक्त वरुण रंजन ने बताया कि इस मामले में सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. उन्होने कहा कि ये सरकार और प्रशासन को बदनाम करने की साजिश थी. उन्होने कहा कि प्रशासन घूम-घूमकर जरुरतमंदो के बीच अनाज बांट रहा है. सरकार के आदेश पर जिन्हे राशन कार्ड नहीं मिला है उन्हें भी खाद्यान्न दिया जा रहा है. लेकिन इस तरह की हरकत कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एसपी अमन कुमार ने बताया कि इस मामले में रांगा थाना में सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इस मामले में दो पत्रकार समेत पांच लोगो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और शेष दो आरोपियों की तलाश तेज है. एसपी ने बताया कि बचे दोनो आरोपियो को भी पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी.

(इनपुट: निशांत)

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