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MHA गाइडलाइंस के बाद एक्शन में सोरेन सरकार, पश्चिम बंगाल के श्रमिकों को लेकर साहिबगंज से बसें रवाना

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि फिलहाल लॉकडाउन में कोई छूट नहीं मिलेगी. (फाइल फोटो)
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि फिलहाल लॉकडाउन में कोई छूट नहीं मिलेगी. (फाइल फोटो)

गृह मंत्रालय की ओर से गाइडलाइंस जारी होने के बाद अब सोरेन सरकार ने दूसरे राज्य में फंसे झारखंड के लोगों और झारखंड में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को निकालने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.

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साहिबगंज. झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने अपने श्रमिकों को दूसरे राज्यों से वापस लाने की केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) से छूट मिलने के 24 घंटे के भीतर सीमावर्ती जिला साहिबगंज (Sahibganj) से पश्चिम बंगाल के लिए बसें रवाना कर दीं. इन बसों में पश्चिम बंगाल के श्रमिकों को उनके प्रदेश भेजा गया है और लौटते समय इन बसों में वहां से राज्य के श्रमिक आएंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अपने श्रमिकों को उनके घर वापस लाने के लिए त्वरित कदम उठाते हुए सबसे पहले साहिबगंज से पश्चिम बंगाल के लिए शाम में बसें रवाना कर दीं. उन्होंने बताया कि इन बसों से पश्चिम बंगाल के ऐसे श्रमिकों को उनके प्रदेश वापस भेजा गया है जिन्होंने साहिबगंज के क्‍वारंटाइन सेंटर में निर्धारित समय पूरा कर लिया था.

राज्य सरकार द्वारा भेजी गई ये बसें लौटते समय पश्चिम बंगाल से झारखंड के श्रमिकों को वापस लाएंगी.
उन्होंने फिलहाल यह नहीं बताया कि पहली कितनी बसें राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल भेजी हैं और अन्य राज्यों से श्रमिकों, छात्रों और पर्यटकों को लाने के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है.
क्या है MHA की नई गाइडलाइंस


लॉकडाउन में फंसे प्रवासी लोगों के लिए गृह मंत्रालय ने बुधवार को नई गाइडलाइंस जारी की थी. गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर किसी राज्‍य में फंसा कोई व्‍यक्ति दूसरे राज्‍य में जाना चाह रहा है तो इसके लिए दोनों राज्‍यों की सरकारें आपस में बातचीत कर के उपयुक्‍त कदम उठाएं. लोगों को सड़क के रास्‍ते ले जाया जाए. लोगों को भेजने से पहले सभी की मेडिकल जांच (स्‍क्रीनिंग) की जाए. अगर कोरोना वायरस संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया जाता है तो उन्‍हें जाने की अनुमति दी जाए. गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार फंसे लोगों को भेजने के लिए बसों की व्‍यवस्‍था की जाए. इन बसों को अच्‍छी तरह से सैनिटाइज किया जाए. साथ ही इसमें बैठने के दौरान सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियम अपनाए जाएं.

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