झुंड से बिछड़े हाथी को मारनी पड़ी गोली, ग्यारह लोगों की ले चुका था जान

Nishant Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 12, 2017, 10:48 PM IST
झुंड से बिछड़े हाथी को मारनी पड़ी गोली, ग्यारह लोगों की ले चुका था जान
हाथी से भयभीत ग्रामीणों के लिए जीना मुश्किल होता जा रहा था
Nishant Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 12, 2017, 10:48 PM IST
साहेबगंज में आंतक बन चुके झुंड से बिछड़े हाथी को वन विभाग ने शूट कर मार डाला. प्रधान वन्य प्राणी प्रतिपालक पदाधिकारी के आदेश पर वन विभाग के वरीय पदाधिकारियों की टीम ने शनिवार को तालझारी के घने जंगलों में हाथी को गोली मार दी. इस हाथी ने अबतक 11 आदिम जनजाति के लोगों की जान ले चुका था. इस हाथी ने बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी आतंक मचा रखा था.

बता दें कि लगातार वन विभाग के वरीय पदाधिकारियों द्वारा इस हाथी को भगाने के प्रयास किए जा रहे थे. जिले के मंडरो, बोरियो, तालझारी और बरहेट प्रखंड में इस हाथी ने काफी घरों को नुकसान पहुंचाया था. इस हाथी को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के विशिष्ट महावत प्रयासरत थे. साथ ही संथाल परगना के वरीय पदाधिकारी भी कैंप कर रहे थे.

इन प्रयासों में विफल होने के बाद हैदराबाद से हाथी पकड़ने के विशेषज्ञ नवाब शफल अली खान की मदद ली गई. विशेषज्ञ द्वारा टेटे पहाड़ पर हाथी को बेहोश कर उठा ले जाने का प्रयास किया गया. लेकिन हाथी को बेहोश करने में टीम नाकाम रही.

हाथी को पकड़ने में हर तरफ से विफल होने के बाद दुमका प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक सत्यजीत सिंह, वन संरक्षक एनके. सिंह समेत वन विभाग के वरीय पदाधिकारियों ने प्रधान वन्य प्राणी प्रतिपालक पदाधिकारी की अनुमति से हाथी को शूट कर दिया. विभाग के वरीय पदाधिकारियों ने हाथी के मारे जाने पर गहरा अफसोस भी जताया है. विभिन्न पहाड़िया गांवों में हाथी के आतंक से लोग भयभीत और दहशत में रहने को मजबूर थे.
First published: August 12, 2017
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