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लालटेन युग में जी रहा है नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन का विधानसभा क्षेत्र!

नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

लोगों का कहना है कि वे अपनी समस्या बताएं तो किसे. विधायक रांची में रहते हैं. विभाग सुनता नहीं है. ऊपर से विरोधी दल के लोग विधायक को लेकर चुटकी भी लेते हैं.

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पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन वैसे तो राज्यभर की सियासत करते हैं, लेकिन उनका अपना विधानसभा क्षेत्र साहेबगंज का बरहेट, सियासत का शिकार है. आज भी बरहेट के कई गांव लालटेन युग में हैं. यहां की सड़क और पानी की बुनियादी जरूरतों पर भी किसी ने ध्यान नहीं दिया.

आदिवासी और आदिम जनजाति बहुल बरहेट के लोगों को हेमंत सोरेन से काफी उम्मीदें थीं. लेकिन नेता प्रतिपक्ष इनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे. हेमंत सोरेन कभी-कभार अपने क्षेत्र पहुंचते हैं और घुमफिर कर वापस चले जाते हैं. पीछे छूट जाती है मजबूर जनता, जो अंधेरे के आलम में उजाले का सपना देखने को मजूबर हैं. लेकिन ये सपना पूरा होता नहीं दिख रहा. कई गांवों में बस बिजली के पोल गाड़ दिये गये हैं, ना तार है और न ही ट्रांसफर्मर.

लोगों का कहना है कि वे अपनी समस्या बताएं तो किसे. विधायक रांची में रहते हैं. विभाग सुनता नहीं है. ऊपर से विरोधी दल के लोग विधायक को लेकर चुटकी भी लेते हैं.



बरहेट के खिजुलखाल गांव में जन समस्याओं को जानने पहुंचे सीएम रघुवर दास ने स्थानीय लोगों को स्थानीय जनप्रतिनिधि चुनने की नसीहत दे डाली. सीएम ने कहा कि स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए रांची जाना संभव नहीं है. हेमंत सोरेन रांची में रहते हैं और उनसे मिलना संभव भी नहीं.
यानी सियासत की चक्की में बरहेट पिस रहा है. बरहेट पहले से ही पिछड़ा प्रखंड है. यहां बिजली, पानी और सड़क की घोर समस्या है. इन समस्याओं पर ना तो विधायक, ना ही विभाग और ना ही सरकार का ध्यान है. सबका ध्यान है तो बस सियासत पर.

(निशांत की रिपोर्ट)

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