सौर ऊर्जा से संचालित ये है ईस्टर्न जोन की पहली ट्रेन, पढ़ें क्या है खासियत

इस ट्रेन में 8 डिब्बे हैं. आगे डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाएगी. प्रत्येक डिब्बों में 16 सोलर लाइट लगी हुई हैं, जो हमेशा चार्ज होती रहती हैं. पंखे भी सौर ऊर्जा से ही चलते हैं.

News18 Jharkhand
Updated: August 13, 2019, 5:35 PM IST
सौर ऊर्जा से संचालित ये है ईस्टर्न जोन की पहली ट्रेन, पढ़ें क्या है खासियत
सौर ऊर्जा से संचालित ईस्टर्न जोन की पहली ट्रेन का शुभारंभ
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Updated: August 13, 2019, 5:35 PM IST
कोयला, डीजल और बिजली के बाद रेलवे (Indian railway) ने अब सौर ऊर्जा (Solar Energy) की ओर कदम बढ़ा दिया है. साहिबगंज-किऊल ट्रेन पूरे ईस्टर्न जोन की पहली ऐसी ट्रेन है, जो सौर ऊर्जा से संचालित (Solar powered train) हो रही है. बीते शनिवार को इस ट्रेन का शुभारंभ हुआ. फिलहाल इस ट्रेन में 8 डिब्बे हैं. आगे डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाएगी. प्रत्येक डिब्बों में 16 सोलर लाइट लगी हुई हैं, जो हमेशा चार्ज होती रहती हैं. पंखे भी सौर ऊर्जा से ही चलते हैं.

सौर ऊर्जा से संचालित ईस्टर्न जोन की पहली ट्रेन
ट्रेन को सौर ऊर्जा से लैस करने के लिए हर डिब्बे के छत पर सोलर प्लेटें लगाई गई हैं. हालांकि इसका ईंजन डीजल से ही चलता है. केवल डिब्बों में लगे पंखे और बल्ब, सौर ऊर्जा पर निर्भर हैं.

रेलवे की इस पहल से यात्रियों में खुशी है. उनका कहना है कि इससे बिजली की बचत होगी. साथ ही उन्हें गर्मी व अंधेरे में सफर भी नहीं करना पड़ेगा. अब हर डिब्बे में बल्ब और पंखें काम करते हुए मिलेंगे. यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अच्छी पहल है.

ईंधन की बजत की दिशा में पहल
साहिबगंज स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर बीएन सिंह का कहना है कि ईंधन की खपत कम करने की दिशा में रेलवे की यह अनोखी पहल है. इससे यात्रियों की भी सुविधा में विस्तार हुआ है.

यह ट्रेन सुबह सात बजे साहिबगंज स्टेशन से खुलती है और दोपहर एक बजे किऊल पहुंचती है. उसी दिन फिर उधर से लौटती भी है.
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रिपोर्ट- निशांत कुमार

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First published: August 13, 2019, 3:57 PM IST
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