झारखंड राज्य सहकारी बैंक में 36 करोड़ का घोटाला करने वाला मुख्य आरोपी संजय डालमिया गिरफ्तार


झारखंड सीआईडी की टीम ने राज्य सरकारी बैंक के करीब 35 रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी संजय कुमार डालमिया को गिरफ्तार किया है.
झारखंड सीआईडी की टीम ने राज्य सरकारी बैंक के करीब 35 रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी संजय कुमार डालमिया को गिरफ्तार किया है.

झारखंड (Jharkhand) राज्य को-ऑपरेटिव बैंक (Co-operative Bank) की सरायकेला शाखा से लोन के नाम पर 36 लाख का घोटाला (Scam) करने के मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2020, 10:39 PM IST
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रांची. झारखंड (Jharkhand) राज्य को-ऑपरेटिव बैंक (Co-operative Bank) की सरायकेला शाखा से लोन लेने में हेराफेरी कर 36 करोड़ 16 लाख साढ़े चार हजार रुपये का घोटाला करने के मुख्य आरोपी संजय कुमार डालमिया को सीआईडी की टीम ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) के वर्धमान जिले के हीरापुर से गिरफ्तार किया है.

सरायकेला थाने में संजय कुमार डालमिया समेत कई अन्य पर लोन लेने में हेराफेरी कर गबन करने के दो मामले दर्ज हैं, जिसमें पहले घोटाले में करीब 32 करोड़ गबन और दूसरे मामले में चार करोड़ गबन का मामला दर्ज है. सरायकेला थाने से जुड़े इन दोनों मामले को टेकओवर करने के बाद सीआईडी की टीम को पिछले कई महीने से ही संजय कुमार डालमिया के तलाश थी. जिसको लेकर उसके सरायकेला स्थित आवास पर कई बार छापेमारी भी की गई, लेकिन वह नहीं मिला था.

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इस बीच गुप्त सूचना एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर सीआईडी की टीम को संजय डालमिया के पश्चिम बंगाल में वर्धमान में छिपे होने की खबर मिली. इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया. अपराध अनुसंधान विभाग झारखंड रांची द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्त संजय कुमार डालमिया को मंगलवार को चाईबासा के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा.
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बता दें कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी 23 मई को हुई थी, जिसमें इस लोन को देने में मिली भगत के आरोपी सहकारी बैंक के तत्कालीन मैनेजर सुनील कुमार सत्पथी की गिरफ्तारी हुई थी. उसके बाद इस मामले में कई लोगों ने सरेंडर किया तो कई लोगों को सीआईडी के टीम ने गिरफ्तार किया है. वहीं इस मामले का मुख्य आरोपी अब तक फरार चल रहा था. बता दें कि यह मामला वर्ष 2012 से वर्ष 2017 के बीच का है.

जब बैंक के खाता धारक व्यवसायी संजय कुमार डालमिया को पहले एक करोड़ लोन दिया गया फिर उसे साढ़े चार करोड़ लोन दिया गया और उसके निजी खाते में बैंक के पैसे को नियम को ताक में रखकर डाला गया. लोन देने में एलआईसी के एक प्रीमियम जमा किये गये पॉलिसी पर भी पूरा लोन दे दिया गया. वर्ष 2017 में पहली बार इसका खुलासा हुआ. इसके बाद 2018 में तत्कालीन बैंक मैनेजर सुनील सत्पथी को संस्पेंड किया गया था.

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इस पूरे मामले में अब तक तीन केस दर्ज हुए हैं, जिसमें 21 अगस्त 2019 को सरायकेला थाने में दो केस 36 करोड़ लोन देने में हेराफरी और गबन से जुड़े दर्ज किये गये हैं. इसमें तत्कालीन बैंक मैनेजर सुनील कुमार सत्पथी, लोन लेने वाले व्यवसायी संजय कुमार डालमिया समेत अन्य कई लोगों को आरोपी बनाया गया है. आठ मार्च 2020 को भी सरायकेला थाने में तत्कालीन बैंक मैनजर सुनील कुमार सत्पथी पर बिना पैसा जमा किये 43 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट इश्यू करने का केस दर्ज हुआ है, जो उन्होंने व्यवसायी संजय डालमिया को जारी किया था. केस दर्ज होने के बाद इसका अनुसंधान सरायकेला थाना पुलिस द्वारा की जा रही थी, लेकिन अप्रैल महीने में इस मामले को सीआईडी को सौंप दिया गया था.
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