महंगी बिजली के कारण 25 कंपनियां बंद, 30 हजार मजदूर हुए बेरोजगार
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महंगी बिजली के कारण 25 कंपनियां बंद, 30 हजार मजदूर हुए बेरोजगार
सरायकेला में महंगी बिजली के कारण 25 कंपनियां हुईं बंद

महंगी बिजली से परेशान लाड बालाजी के साथ-साथ संथाल इलाय, वनांचल इस्पात, पंसारी स्टील, ओम मेटल, गुलमोहर डिवाइन स्टील जैसी 25 कंपनियां बंद हो गईं. ये कंपनियां सरिया, तार, कांटी और स्क्रैप को गलाकर आयरन तैयार करती थीं.

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सरायकेला के आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 25 कंपनियों पर ताले लटक गये. इससे प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष तौर पर 30 हजार मजदूर बेरोजगार हो गये हैं. इनके सामने अब परिवार चलाने का संकट पैदा हो गया है. एक तरफ आर्थिक मंदी तो दूसरी तरफ राज्य में बिजली की कीमत में 38 फीसदी बढ़ोतरी ने इन कंपनियों को बंद होने पर मजदूर कर दिया. ये सारी कंपनियां स्टील उद्योग से जुड़ी हुई थीं.

महंगी बिजली ने लगवाये ताले

दरअसल झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने हाल में बिजली की दर में 38 प्रतिशत की वृद्धि कर दी. इसका सीधा असर इनके उत्पादन लागत पर हुआ. लागत में बढ़ोतरी और लाभ में कमी के कारण कंपनियों ने आगे चलाने से हाथ खड़े कर दिये. चौका स्थित लाड बालाजी कंपनी एक अगस्त से बंद हो गई. इस बाबत कंपनी के गेट पर प्रबंधन के द्वारा नोटिस चस्पा दिया गया. इसमें बिजली दर में वृद्धि के चलते कंपनी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का जिक्र है.



कंपनी के जीएम विशाल चौधरी ने बताया कि बिजली दर में बढ़ोतरी के कारण अब वह कंपनी चलाने में सक्षम नहीं हैं. सरकार या तो बिजली दर में सब्सिडी दे या फिर जुस्को या डीवीसी से बिजली उपलब्ध कराये.
जुस्को या डीवीसी जहां 2 रुपये 95 पैसे प्रति यूनिट की दर पर बिजली देती है, वहीं जेबीवीएनएल पांच रुपये प्रति यूनिट की दर पर बिजली की कीमत वसूलती है.

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नोटिस चिपकाकर कंपनियों ने लटकाये ताले


25 कंपनियां हुईं बंद 

महंगी बिजली से परेशान लाड बालाजी के साथ-साथ संथाल इलाय, वनांचल इस्पात, पंसारी स्टील, ओम मेटल, गुलमोहर डिवाइन स्टील जैसी 25 कंपनियां बंद हो गईं. ये कंपनियां सरिया, तार, कांटी और स्क्रैप को गलाकर आयरन तैयार करती थीं. इनके बंद होने से तीस हजार स्थायी और अस्थायी कामगारों के सामने रोजी- रोटी का संकट पैदा हो गया है. ऐसे में मजदूरों ने भी सरकार ने बिजली दर कम करने की गुहार लगाई है.

कोल्हान चेंबर ऑफ कामर्स ने भी सरकार से बिजली की दर कम करने की मांग की है. गुरुवार को चेंबर के पदाधिकारियों ने उपायुक्त ए दोड्डे से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. चेंबर का कहना है कि एक तरफ वैश्विक मंदी के कारण उद्योग जगत पहले से ही प्रभावित है. ऊपर से बिजली दर में बढ़ोतरी ने कंपनियों की परेशानी दोगुनी कर दी. राज्य सरकार को उद्योग जगत के हित में बिजली सस्ती करनी चाहिए.

इनपुट- विकास कुमार

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