CM रहते हॉस्पिटल का किया शिलान्यास, 8 साल में भी नहीं बना तो अब केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने दिया अल्टीमेटम

साल 2012 में अर्जुन मुंडा सरकार के समय ही इस अस्पताल का शिलान्यास हुआ    था.
साल 2012 में अर्जुन मुंडा सरकार के समय ही इस अस्पताल का शिलान्यास हुआ था.

वर्ष 2012 में अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) के मुख्यमंत्रित्व काल में खरसावां में 500 बेड के अस्पताल का शिलान्यास किया गया था. लेकिन 8 साल बीतने के बाद भी यह तैयार नहीं हो पाया है. जबकि 2015 में इसका काम पूरा हो जाना चाहिए था.

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सरायकेला. झारखंड के सरायकेला जिले के खरसावां अंचल के आमदा में बीत 8 वर्षों से लंबित 500 बेड के अस्पताल (Hospital) का काम पूरा नहीं होने पर केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) ने गहरी नाराजगी जतायी है. ठेकेदार द्वारा कछुए की गति से किए जा रहे निर्माण पर रोष जताते हुए उन्होंने इसके खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर अब जो काम पूरा करने का समय तय किया गया है, उस समय पर आमदा स्थित अस्पताल पूरा नहीं हुआ तो वे खरसांवा की जनता के साथ सामूहिक उपवास पर बैठेंगे.

2012 में हुआ था शिलान्यास
दरअसल, वर्ष 2012 में अर्जुन मुंडा के मुख्यमंत्रित्व काल में इस महत्वाकांक्षी 500 बेड के अस्पताल का शिलान्यास किया गया था. इसे पूरा करने के लिए तीन वर्ष का समय तय किया गया था. यानि इसे 2015 तक पूरा होना था. इस अस्पताल के निर्माण के साथ इसे मेडिकल कॉलेज के रूप में भी विकसित करने की योजना थी. मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ में कैंपस होने की आवश्यकता थी, जिसको लेकर अस्पताल निर्माण के बीच में भी विशेषज्ञों की टीम ने अस्पताल का दौरा किया था. टीम ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण होने की संभावना पर अपनी सहमति जतायी थी. लेकिन यह काम अस्पताल के पूरा होने के बाद किया जाना था. मगर अब तक यह अस्पताल पूरा ही नहीं हुआ. अब इसकी लागत 152 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है.

विधानसभा में कई बार उठ चुका है मामला
इस अस्पताल के निर्माण को लेकर वर्तमान खरसांवा विधायक दशरथ गागराई ने अपने दो कार्यकाल के बीच कई बार विधानसभा में मामला को उठा चुके हैं. अभी हाल में खरसांवा विधायक दशरथ गागराई ने 22 सितंबर को सदन में तारांकित प्रश्न के रूप सवाल पूछा था. जिसके जवाब में यह कहा गया कि झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार संवेदक एनबीसीसी द्वारा 25 फरवरी को लिखित आश्वासन दिया गया है कि दिसंबर 2020 तक आमदा अस्पताल का काम पूरा कर लिया जाएगा. संवेदक ने अब तक 85 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा भी किया है. और संवेदक के पास अब अगले दो महीने का वक्त बचा है.
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