स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का सबब बना आरोग्य सेतु ऐप, लोग भर दे रहे गलत जानकारी
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स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का सबब बना आरोग्य सेतु ऐप, लोग भर दे रहे गलत जानकारी
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए आरोग्य सेतु ऐप लॉन्च किया गया है.

जिले के सिविल सर्जन डॉ. हिमांशु भूषण बरवार का कहना है कि लोग आरोग्य सेतु ऐप (Arogya Setu App) की अहमियत को नहीं समझ पा रहे हैं. इसलिए गलत जानकारी भर रहे हैं.

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सरायकेला. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) को रोकने के लिए आरोग्य सेतु ऐप (Arogya Setu App) बनाया गया है. सभी लोग से इस ऐप को डाउनलोड करने की अपील भी की जा रही है. मगर सरायकेला में यह ऐप स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है. दरअसल बड़ी संख्या में लोग बिना कंप्लीकेशन के ही अपने स्वास्थ्य से जुड़ी गलत जानकारी इस ऐप में भर दे रहे हैं. इससे जिले में कोरोना संदिग्धों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है. लेकिन जब स्वास्थ्यकर्मी फीजिकल वेरिकेशन के लिए जाते हैं, तो उन्हें संबंधित शख्स में कोई परेशानी नहीं दिखती. लोगों का ये कहना होता है कि उन्होंने गलती से ऐप में गलत जानकारी दे दी.

ऐप में गलत जानकारी दे रहे लोग 

इस बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. हिमांशु भूषण बरवार ने बताया कि लोग आरोग्य सेतु ऐप की अहमियत को नहीं समझ पा रहे हैं. जिस कारण वे गलत जानकारी भर रहे हैं. आरोग्य सेतु ऐप में अब तक जितने लोगों ने विभिन्न प्रकार के कंप्लीकेशन की बात भरी है, उनमें से अधिकतर की स्थिति सामान्य है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग तथा कंट्रोल रूम के द्वारा लोगों को आगाह और जागरूक किया जा रहा है.



जिले में अबतक 2643 लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी
जिले में आरोग्य सेतु ऐप में अभी तक 2643 लोगों ने अपने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भरी है. इनमें से केवल 799 लोगों ने अपनी स्थिति सामान्य बताई. जबकि 1844 लोगों ने अपने स्वास्थ्य से जुड़ी कई कंप्लीकेशन का इनफार्मेंशन फीड किया. 1290 लोगों ने कफ होने की बात कही है. 36 लोगों ने कफ और सांस लेने में तकलीफ, 50 लोगों ने कफ और फीवर, 30 लोगों को कफ, फीवर और सांस लेने में तकलीफ की सूचना भरी, 178 लोगों ने सांस लेने में तकलीफ, 252 लोगों ने फीवर और आठ लोगों को फीवर के साथ सांस लेने में तकलीफ की जानकारी दी.

फीजिकल वेरिफिकेशन में कई मामले गलत निकले 

इतने सारे कंप्लीकेशन के मामले आने पर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सूची उपलब्ध कराकर जब फीजिकल वेरिफिकेशन कराया. तो बात उतनी गंभीर नजर नहीं आयी. कई लोगों ने गलती से भर देने की बात कही, तो कई के मामले में कंप्लीकेशन कोरोना से जुड़ी नहीं, बल्कि पुराने स्वास्थ्य संबंधी मामले थे. लोगों की नासमझी के कारण बेवजह स्वास्थ्य विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ा.

रिपोर्ट- विकास कुमार

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