झारखंड में आश्रय होम की रिपोर्ट बना रहा बाल संरक्षण आयोग
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झारखंड में आश्रय होम की रिपोर्ट बना रहा बाल संरक्षण आयोग
आरती कुजूर अध्यक्ष , बाल संरक्षण आयोग, झारखंड

निरीक्षण के क्रम में सभी होम बिना रजिस्ट्रेशन के चलने का मामला प्रकाश में आया. साथ ही इन संस्थाओं के पास कोई विधिवत डाक्युमेंट नहीं मिले. वहीं सभी जगहों पर रह रहे बच्चों की स्थिति काफी दयनीय देखने को मिली. कई जगहों पर तो बच्चों को शारीरिक दंड दिए जाने की बात भी सामने आई.

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रांची के मिशनरी होम द्वारा बच्चों के बेचने के मामले के बाद झारखंड सरकार काफी गंभीर है. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पूरे प्रदेश के आश्रय होम का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट 15 अगस्त तक बाल संरक्षण आयोग से मांगी है. साथ ही सभी जिलों में बाल संरक्षण आयोग को सशक्त करने का भी निर्देश दिया है.

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बाल संरक्षण आयोग की चार टीमें पूरे प्रदेश के जिलों में घूम-घूम कर आश्रय होम का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति से जुड़ी जानकारी एकत्रित कर रही है. इसी क्रम में बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने सरायकेला जिला का दौरा किया. दौरे के क्रम में जिले में चार से पांच आश्रय होम का पता चला जिसका उन्होंने निरीक्षण भी किया. निरीक्षण के क्रम में सभी होम बिना रजिस्ट्रेशन के चलने का मामला प्रकाश में आया. साथ ही इन संस्थाओं के पास कोई विधिवत डाक्युमेंट नहीं मिले. वहीं सभी जगहों पर रह रहे बच्चों की स्थिति काफी दयनीय देखने को मिली. कई जगहों पर तो बच्चों को शारीरिक दंड दिए जाने की बात भी सामने आई.

पूरी स्थिति से दुखी आरती कुजूर ने सभी संस्थाओं को एक महीने के भीतर जे जे एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने तथा बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं देने का सख्त निर्देश दिया. साथ ही तय मियाद के बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. इस दौरान उन्होंने कुचाई के कस्तुरबा स्कूल तथा एकलव्य आश्रम विद्यालय का भी निरीक्षण किया. यहां भी उन्हें बच्चों के रख रखाव से जुड़ी कई कमियां देखने को मिली. इन सारे मामलों को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल सारी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया.
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