आयुष्मान भारत योजना का लाभ न देने वाले अस्पतालों को कलेक्टर ने दी चेतावनी

सरायकेला जिले के आदित्यपुर में दो दिन पहले भी एक लाभुक से करीब 20 हजार रुपये वसूल लिए गए थे, लेकिन प्रशासन की दखल के बाद अस्पताल को पैसे लौटाने पड़े. इस पूरी घटना से कलेक्टर छवि रंजन काफी दुखी और नाराज है.

Vikas Kumar | News18 Jharkhand
Updated: December 8, 2018, 11:32 AM IST
आयुष्मान भारत योजना का लाभ न देने वाले अस्पतालों को कलेक्टर ने दी चेतावनी
कलेक्टर छविरंजन
Vikas Kumar | News18 Jharkhand
Updated: December 8, 2018, 11:32 AM IST
झारखंड में आयुष्मान भारत योजना की सफलता पर निजी अस्पतालों की मनमानी बड़ी बाधा बन रही है. सितंबर में लॉंच हुई भारत सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना को लेकर प्रशासन लाभुकों को उचित लाभ देने के लिए लगातार बैठकें कर रहा है लेकिन इसके बावजूद निजी अस्पताल अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं कर रहे हैं.

सरायकेला जिले के आदित्यपुर में दो दिन पहले भी एक लाभुक से करीब 20 हजार रुपये वसूल लिए गए थे, लेकिन प्रशासन की दखल के बाद अस्पताल को पैसे लौटाने पड़े. इस पूरी घटना से कलेक्टर छवि रंजन काफी दुखी और नाराज है. कलेक्टर छवि रंजन ने आयुष्मान भारत योजना से टैग किए गए सभी दस निजी अस्पतालों को कड़ी हिदायत देते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी है.

डीसी छवि ने कहा कि निजी अस्पताल कोई ऐसा काम न करें, जिससे प्रशासन को कानूनी कार्रवाई का सहारा लेना पड़े. उन्होंने सभी अस्पतालों के प्रबंधकों से कहा है कि किसी लाभुक के पास पूरे दस्तावेज नहीं रहने पर अस्पताल अड़ियल रवैया न अख्तियार करें. अस्पताल मरीज को उचित इलाज कर मानवीय नजरिया अपनाते हुए संबंधित योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए वक्त दें.

आपको बता दें कि दो दिन पहले आदित्यपुर स्थित मेडिट्रीना अस्पताल में देर रात करीब 60 वर्षीय सुखलाल मुखी को भर्ती कराया गया. इस दौरान मरीज का आयुष्मान भारत योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया और उससे करीब 20 हजार रुपये की वसूली की गई. इसके अगले दिन मरीज की भी मौत हो गई. मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दी गई, जिसके बाद सरायकेला एसडीओ बशारत कयूम ने मामले की जांच की और परिजनों से वसूली गई रकम वापस करवाई.

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