हाथियों के झुंड ने फिर घरों को तोड़ा, अनाज खाए व नष्ट किए

इस स्कूल के ठीक पास एससी एसटी विद्यालय की खिड़की तोड़ मध्याह्न भोजन का चावल खा लिया.

Vikas Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 14, 2018, 12:48 PM IST
हाथियों के झुंड ने फिर घरों को तोड़ा, अनाज खाए व नष्ट किए
हाथियों से परेशान ग्रामीण
Vikas Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 14, 2018, 12:48 PM IST
सरायकेला वन प्रक्षेत्र के विभिन्न गांवों में हाथियों का तांडव जारी है. हाथियों का झुंड रोज नए इलाकों में रुख कर अलग-अलग गांवों में जमकर क्षति पहुंचा रहे हैं. बीती रात सरायकेला टाटा मुख्य मार्ग से सटे सरायकेला वन प्रक्षेत्र के नीलमोहनपुर गांव में हाथियों ने करीब पांच छह घर तोड़कर घर में रखे अनाजों को खाया और सामानों को बरबाद कर दिया. साथ ही इस दौरान खेतों में लगे केला व अन्य फसलों को भी नष्ट कर दिया.

हाथियों का झुंड इतने पर ही नहीं रूका बल्कि कस्तुरबा आवासीय विद्यालय की दीवार तोड़ दिए और इस स्कूल के ठीक पास एससी एसटी विद्यालय की खिड़की तोड़ मध्याह्न भोजन का चावल खा लिया. देर रात से अहले सुबह तक मचाए गए तांडव में ग्रामीणों को हाथियों से बचने और उन्हें भगाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. इस दौरान रेंजर सुरेश प्रसाद के नेतृत्व में वन विभाग की टीम और सरायकेला पुलिस भी मौजूद रही. हाथियों के तांडव से परेशान लोगों ने सरायकेला टाटा मुख्य मार्ग को एक घंटे जाम कर जमकर आक्रोश व्यक्त किया. लोगों ने यह आरोप लगाया कि वन विभाग की चौकसी में कमी के कारण यह स्थिति बनी है.

आक्रोश व्यक्त कर रहे लोगों ने वन विभाग से हाथी की समस्या से स्थायी प्रयास किए जाने की मांग की. उधर पूरे मामले में रेंजर सुरेश प्रसाद ने कहा कि पिछले तीन महीनों से हाथियों का तांडव जारी है. इससे काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि हाथियों का दल भोजन के चक्कर में गांवों का रुख कर रहे हैं. वहीं मकर पर्व के दौरान घर-घर में बनाए जा रहे हड़िया भी हाथियों को आकर्षित कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने सभी लोगों से हड़िया नहीं बनाने का आग्रह किया है.
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