दुर्घटना के बाद सीमेंट लदे ट्रेलर के नीचे दबा खलासी, तीन दिन बाद निकाला गया शव

दुर्घटना का शिकार हजारीबाग जिले का रहने वाला खलासी पवन कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था
दुर्घटना का शिकार हजारीबाग जिले का रहने वाला खलासी पवन कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था

पुलिस ने अनुसंधान के तहत श्रीसीमेंट जाकर उन्हें गाड़ी खाली करवाकर सड़क से गाड़ी हटाने को कहा. लेकिन ऐसा करने में तीन दिन का समय लग गया. दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब हटाया गया तो उसके नीचे खलासी पवन कुमार का शव मिला. शव से तेज बदबू आ रही थी

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 9:17 PM IST
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सरायकेला. झारखंड (Jharkhand) के सरायकेला जिले (Saraikela District) में व्यवस्था का अमानवीय चेहरा सामने आया है. यहां कुछ पक्षों के असंवेदनशील और अमानवीय रवैये के कारण खलासी का काम करने वाले 18 वर्षीय युवक की जान चली गई. यही नहीं उसका शव तीन दिन तक दुर्घटनाग्रस्त (Road Accident) गाड़ी में दबे रहने के कारण अंत्येष्टि (Last Rites) को भी तरसती रही. मिली जानकारी के मुताबिक बीते 15 सितंबर की शाम सरायकेला थाना के अंतर्गत खरसांवा-सरायकेला मुख्य मार्ग पर गोविंदपुर के पास सीमेंट से लदी एक ट्रेलर पलट गई थी. दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची पर उसे वाहन के नीचे किसी के भी दबे होने का पता नहीं चला. पुलिस को दुर्घटनास्थल से न तो ड्राइवर मिला और न ही खलासी.

हादसे के बाद ड्राइवर जगदीश रजवार मौके से भाग निकला था. यह टेलर खरसांवा स्थित श्रीसीमेंट से आ रही थी. पुलिस ने अनुसंधान के तहत श्रीसीमेंट जाकर उन्हें गाड़ी खाली करवाकर सड़क से गाड़ी हटाने को कहा. लेकिन ऐसा करने में तीन दिन का समय लग गया. दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब हटाया गया तो उसके नीचे खलासी पवन कुमार का शव मिला. शव से तेज बदबू आ रही थी. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है.

इस दौरान भागा हुआ ड्राइवर जगदीश रजवार भी वापस लौट आया. उसने बताया कि जब गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई तो उसे लगा कि खलासी कूद कर भाग गया. इसी भ्रम में उसे वाहन के मालिक को उसके भाग जाने की सूचना दी. उधर पवन कुमार के लापता होने के बाद उसके घर पर भी संपर्क किया गया मगर किसी को उसके बारे में जानकारी नहीं थी. उसने बताया कि इस हादसे में उसे खलासी के गाड़ी के नीचे दबने का अहसास नहीं हुआ. जिसके चलते गाड़ी खाली करने में देरी के कारण पवन का शव तीन दिनों तक दबा रहा.
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