सहमति के तहत सरायकेला के स्कूलों में पढ़ाई जा रही ओड़िया

Vikas Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: September 16, 2017, 10:58 PM IST
सहमति के तहत सरायकेला के स्कूलों में पढ़ाई जा रही ओड़िया
विमल चंद्र षाड़ंगी संरक्षक, उत्कल सम्मेलनी, भुवनेश्वर, ओडिशा
Vikas Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: September 16, 2017, 10:58 PM IST
सरायकेला जिला में ओडिशा प्रदेश के लोगों की संख्या काफी अधिक है. आज भी यहां के लोग ओड़िया संस्कृति व परंपरा का न सिर्फ वर्षों से निर्वहन कर रहे हैं बल्कि ओड़िया भाषा में अपने बच्चों को शिक्षा भी दिला रहे हैं. ये सभी खुद को ओडिशा प्रदेश से जोड़कर देखते हैं. फिर भी ओड़िया भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने वालों की संख्या गिरती जा रही है.

इसके लिए ओड़िया भाषा को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्यरत ओडिशा की संस्था उत्कल सम्मेलनी ओड़िया में शिक्षा प्रदान करने, ओड़िया भाषा सिखने के लिए कई कदम उठा रहा है. झारखंड सरकार से हुए सहमति के आधार पर जिले के कई सरकारी स्कूलों में ओड़िया भाषा पढ़ाई जा रही है. ओड़िया भाषा पढ़ाने के लिए उत्कल सम्मेलनी द्वारा शिक्षक मुहैया कराया गया है. उत्कल सम्मेलनी ही इन शिक्षकों को मानदेय भी देती है.

इतना ही नहीं यहां के बच्चों को ओड़िया भाषा तथा व्याकरण की पुस्तक भी उत्कल सम्मेलनी मुफ्त मुहैया कराती है. ओड़िया भाषा के विकास की स्थिति का मुआयना करने तथा पुस्तक वितरण करने हेतु उत्कल सम्मेलनी का एक प्रतिनिधिमंडल ने सरायकेला के कई स्कूलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया.

इस दौरान उन्होंने ओड़िया भाषा के शिक्षक व बच्चों के साथ बात कर उन्हें प्रोत्साहित किया. उत्कल सम्मेलनी के संरक्षक विमल चंद्र षाड़ंगी ने कहा कि पहले के वनिस्पत ओड़िया भाषा की शिक्षा लेने वाले बच्चों की संख्या में कमी होते जा रही है. यह हमलोगों के लिए चिंताजनक है. ऐसे में उत्कल सम्मेलनी द्वारा ओड़िया भाषा के उत्थान के लिए बच्चों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
First published: September 16, 2017
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