Love Story: एक दूसरे के हाथों दिल हारे, तो समझ आया क्या है प्यार, मुख्यधारा में लौटे इनामी नक्सली
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Love Story: एक दूसरे के हाथों दिल हारे, तो समझ आया क्या है प्यार, मुख्यधारा में लौटे इनामी नक्सली
सरेंडर के बाद पुलिस ने दोनों नक्सलियों को एक-एक लाख का चेक सौंपा

Love story of Two Naxalites: एक ही दस्ते में रहने के चलते दोनों में प्रेम हो गया. दो साल तक जंगल में इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के बाद अब अपने प्यार को मुकाम देने के लिए दोनों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया.

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सरायकेला. राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति (Surrender Policy) से प्रभावित होकर कुख्यात नक्सली महाराज प्रमाणिक दस्ते के एरिया कमांडर (Area Commander) राकेश मुंडा उर्फ सुखराम मुंडा ने पुलिस के सामने सरेंडर (Surrender) कर दिया. उस पर दो लाख लाख का इनाम घोषित था. राकेश के साथ साथी नक्सली और प्रेमिका ने भी सरेंडर किया. जिले के एसपी मो. अर्शी ने दोनों को एक-एक लाख रुपये का चेक सौंपकर मुख्यधारा में लौटने के लिए बधाई दी.

एसपी ने कहा कि घोषित इनाम और आत्मसमर्पण नीति के तहत मिलने वाली इन्हें आगे दिया जाएगा. फिलहाल दोनों को कोर्ट में पेश कर ओपन जेल में रखा जाएगा. इनके उपर दर्ज मामलों के जल्द निबटारे की भी कोशिश होगी.

प्यार के लिए छोड़ दी हिंसा की जिंदगी



एसपी ने बताया कि एरिया कमांडर राकेश मुंडा ने वर्ष 2016 में नक्सली दस्ता जॉइन किया था. उसके बाद से उसने कई तरह के नक्सली प्रशिक्षण लिये. उसके उपर दो लाख का इनाम घोषित था. वहीं वर्ष 2018 में चांदनी ने नक्सलवाद की राह पकड़ी. एक ही दस्ते में रहने के चलते दोनों में प्रेम हुआ. दो साल तक जंगल में इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के बाद अब प्यार को मुकाम देने के लिए दोनों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया. दोनों समाज में रहकर चैन की जिंदगी जीना चाहते हैं.



सरेंडर करने वाले नक्सली राकेश और चांदनी ने बताया कि उनदोनों ने सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर सरेंडर करने का फैसला लिया. अब वे आम नागरिक की तरह समाज में जीना चाहते हैं. घर बसाकर शांति की राह पर चलना चाहते हैं. हिंसा से किसी का कोई भला नहीं होता.

आत्मसमर्पण नीति का मिलेगा लाभ 

एसपी ने कहा कि पुलिस किसी पर गोली चलाना नहीं चाहती. उन्होंने दूसरे नक्सलियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें हर तरह की सुविधा व सुरक्षा देगी. एसपी ने कहा कि इन दोनों के सरेंडर करने से नक्सलियों का मनोबल टूटेगा. उनकी ताकत कमजोर होगी. आत्मसमर्पण नीति की तहत दोनों को तीन-तीन लाख रुपये, घोषित इनाम की राशि और पुनर्वास के लिए चार डिसमिल जमीन दी जाएगी. इनके बच्चों को सरकार नि:शुल्क शिक्षा मुहैया कराएगी.

इनपुट- विकास कुमार

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First published: June 4, 2020, 6:15 PM IST
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