बाल मजदूरी की सूचना पर सुधा डेयरी में छापेमारी, छह बच्चे बरामद
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बाल मजदूरी की सूचना पर सुधा डेयरी में छापेमारी, छह बच्चे बरामद
झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा आरती कुजूर के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा यह छापेमारी की गई.

झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा आरती कुजूर के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा यह छापेमारी की गई.

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सरायकेला जिला के गम्हरिया थाना अंतर्गत सुधा डेयरी में बाल श्रम की मिली सूचना के आलोक में मंगलवार रात छापा मारा गया. झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा आरती कुजूर के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा यह छापेमारी की गई. बाल संरक्षण आयोग को सुधा डेयरी में रात के वक्त 24 बच्चों द्वारा काम कराये जाने की सूचना मिली थी. हालांकि छापेमारी के दौरान छह बच्चे ही बरामद किये गये, जबकि करीब दस बच्चों को मौके से भगा देने की जानकारी पूछताछ के दौरान मिली.

उधर, टीम द्वारा डेयरी में घंटों गहन जांच व पूछताछ की गयी. कंपनी में कई प्रकार की अनियमितता भी मिली. टीम द्वारा सभी बच्चों को अपने साथ ले आया गया है तथा अब इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा. बाल कल्याण समिति इन बच्चों की काउंसिंलिंग करने के उपरांत आगे का निर्णय लेगी. उधर, डेयरी के विभिन्न कागजातों के साथ शिफ्ट इंचार्ज व एक अन्य कर्मी को टीम अपने साथ पूछताछ हेतु ले गयी है. अभी डेयरी में काम करने वालों के अटेंडेंस व अन्य बिंदुओं पर कागजात की जांच चल रही है तथा पूछताछ जारी है. जांच के उपरांत श्रम कानून के आलोक में आगे की कार्रवाई की जाएगी.

मालूम हो कि बाल श्रम के खिलाफ पूरे देश में कार्य कर रही नामचीन संस्था बचपन बचाओ आंदोलन को सुधा डेयरी में 24 बच्चों द्वारा रात के वक्त काम कराये जाने की सूचना मिली थी. उसके बाद बचपन बचाओ आंदोलन संस्था ने बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा आरती कुजूर से इस बावत शिकायत कर पहल करने का आग्रह किया. इस शिकायत के आलोक में गुप्त जांच भी की गयी. जिसमें शिकायत में सत्यता पायी गयी.



फिर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा आरती कुजूर, बचपन बचाओ आंदोलन के नेशनल प्रोग्राम मैनेजर मनीष शर्मा, स्टेट कोऑर्डिनेटर श्याम मल्लिक समेत अन्य सदस्य मंगलवार देर शाम सरायकेला पहुंचे. फिर जिला बाल संरक्षण की टीम के साथ उपायुक्त से बैठक कर छापेमारी के खिलाफ गुप्त रणनीति बनायी गयी और रात में छापेमारी की गयी. छापेमारी इतनी गोपनीय थी कि किसी को छापेमारी की स्थान की भनक तक नहीं थी तथा छापेमारी दल के सभी लोगों के मोबाइल जब्त कर लिये गये थे.



'रिपोर्ट- विकास कुमार'
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