प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा से द्रवित हुए रिटायर शिक्षक, पेंशन फंड से दान किये 1.2 लाख रुपये
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प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा से द्रवित हुए रिटायर शिक्षक, पेंशन फंड से दान किये 1.2 लाख रुपये
डीसी को चेक सौंपते रिटायर शिक्षक प्रह्लाद चंद्र महतो

दोनों रिटायर शिक्षकों (Retired Teachers) ने एक साथ सीएम रिलिफ फंड (CM Corona Relief Fund) में दान हेतु 70 हजार और पचास हजार का चेक जिले के डीसी को सौंपा.

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सरायकेला. चांडिल के दो सेवानिवृत शिक्षकों (Retired Teachers) ने सीएम कोरोना रिलीफ फंड (CM Corona Relief Fund) में दान देकर मिसाल पेश की है. इनमें से एक सरायकेला के एस कालेज से सेवानिवृत प्रिसिंपल प्रह्रलाद चंद्र महतो और  दूसरा भूईयाडीह मिडिल स्कूल के सेवानिवृत प्रधानाध्यापक पूर्ण चंद्र महतो हैं. दोनों आपस में दोस्त हैं. कोरोना काल में मजदूरों (Laborers) की घर वापसी के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है. बाहर में फंसे झारखंडी मजदूरों के कष्ट को देखकर दोनों शिक्षकों ने सहयोग करने का फैसला लिया.

पेंशन फंड से दिये 1.2 लाख रुपये

सेवानिवृत प्रिंसिपल प्रह्लाद चंद्र महतो ने अपने परिवार में इस बाबत चर्चा कर अपनी मंशा जाहिर की. परिवार के सदस्यों ने भी सहमति प्रदान की. फिर उन्होंने अपने पर्सनल अकाउंट से सीएम रिलिफ फंड में 70 हजार का दान दिया. उनका कहना है कि वे चाहते है कि उनके पैसों का इस्तेमाल कर सरकार मजदूरों वापस लाने में करे. उनकी चाहत है कि झारखंड में ऐसी स्थिति बने कि फिर कोई मजदूर बाहर न जाए. सभी को यहीं रोजगार मिले. आदर्श झारखंड का निर्माण हो. वहीं सेवानिवृत प्रधानाध्यापक पूर्ण चंद्र महतो ने भी मजदूरों के दर्द व बेबसी की तस्वीरें देखकर अपने पर्सनल अकाउंट से पचास हजार रुपये का दान सीएम रिलिफ फंड में दिया.



डीसी ने शिक्षकों के सोच की प्रशंसा की  



दोनों रिटायर शिक्षकों ने एक साथ सीएम रिलिफ फंड में दान हेतु 70 हजार और पचास हजार का चेक जिले के डीसी को सौंपा. शिक्षकों ने कहा कि विपदा की इस घड़ी में राहत कार्य चलाने हेतु सरकार को काफी पैसे की आ‌वश्यकता है. ऐसे में उन्होंने एक छोटी रकम देकर इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया है. दोनों सेवानिवृत शिक्षकों के जज्बे की हर कोई तारीफ कर रहा है. बुढ़ापे में जब लोग सेवानिवृति के बाद अपने संचित धन को आगे की जिंदगी के लिए बचाकर रखते हैं, लेकिन इन दोनों शिक्षकों ने अपनी भविष्य की चिंता छोड़ समाज व देश की चिंता की है. यह सराहनीय है. खुद डीसी ए दोड्डे ने भी इनके इस प्रयास की प्रशंसा की.

रिपोर्ट- विकास कुमार

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First published: June 4, 2020, 2:35 PM IST
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