सरायकेला तीरंदाजी एकेडमी: घर में रहकर भी खिलाड़ी फिट रहे, इसलिए दी जा रही ऑनलाइन ट्रेनिंग
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सरायकेला तीरंदाजी एकेडमी: घर में रहकर भी खिलाड़ी फिट रहे, इसलिए दी जा रही ऑनलाइन ट्रेनिंग
सरायकेला तीरंदाजी एकेडमी में वर्तमान में 26 बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं. (फाइल फोटो)

लॉकडाउन (Lockdown) में सरायकेला तीरंदाजी एकेडमी (Saraikela Archery Academy) से खिलाड़ियों को घर भेज दिया गया है. लेकिन खिलाड़ियों का प्रदर्शन प्रभावित न हो, इसलिए उनको ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है.

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सरायकेला. नैसर्गिक रूप से तीरंदाजी प्रतिभा के धनी सरायकेला जिला में इन दिनों प्रशिक्षण का काम ठप है. कोरोनाबंदी के कारण सरायकेला तीरंदाजी एकेडमी (Saraikela Archery Academy) के सभी प्रशिक्षुओं को घर भेज दिया गया है. लेकिन एकेडमी द्वारा वाट्सएप्प ग्रुप बनाकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण (Online Training) देकर उनके फिटनेस को बरकरार रखने की कोशिश जारी है. कोरोना बंदी के चलते यहां मार्च महीने से ही प्रशिक्षण का काम बंद है. प्रशिक्षण ठप होने से ग्राउंड की हालत खराब होती जा रही है. हर तरफ झाड़ियां उग आयी हैं. एकेडमी के भवन में क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है. इस कारण ग्राउंड की देखरेख नहीं हो पा रही है. क्योंकि प्रशासन का लगातार आना-जाना लगा रहता है.

वाट्स ऐप ग्रुप बनाकर 26 प्रशिक्षुओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण

सरायकेला तीरंदाजी एकेडमी में वर्तमान में 26 तीरंदाज प्रशिक्षण ले रहे हैं. नवंबर-दिसंबर से शुरू होने वाली प्रतियोगिताओं के मद्देनजर खिलाड़ियों के फिटनेस को बरकरार रखने हेतु एकेडमी ने नयी पहल की है. वाट्सऐप ग्रुप बनाकर प्रशिक्षक प्रतिदिन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं. फिटनेस बरकरार रखने के लिए टिप्स भी दे रहे हैं.



क्या कहते हैं कोच व सह कोच



इस बारे में जानकारी देते हुए एकेडमी के मुख्य कोच बीएस राव ने बताया कि कोरोनाबंदी के बीच खिलाड़ियों को घर भेजा गया है. जिससे प्रशिक्षण पर प्रभाव पड़ रहा है. लेकिन खिलाड़ियों का प्रदर्शन ज्यादा प्रभावित न हो, इसलिए उनको ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ताकि उनका फिटनेस बरकरार रहे. जब कोरोनाबंदी के बाद फिर से प्रशिक्षण शुरू होगा, तो फिर बच्चों को फिजिकली ट्रेंड करने में सहूलियत होगी. हालांकि इन्हें बेहतर प्रदर्शन करने हेतु चार-पांच महीने प्रशिक्षण देना होगा.

सह कोच हिमांशु मोहंती ने बताया कि प्रशिक्षण ग्राउंड में स्थित भवन को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है. ऐसे में फिलहाल कोई उधर जाता नहीं है. प्रशिक्षण बंद होने से ग्राउंड की हालत खराब हो गयी है. जिसे कोरोनाबंदी के बाद ठीक करना होगा.

तीरंदाजी के क्षेत्र में सरायकेला की है खास पहचान

तीरंदाजी के मामले में सरायकेला की देश में खास पहचान है. यहां के तीरंदाज पलटन हांसदा, मंगल हो, गोरा हो ने तीरंदाजी में विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है. अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज दीपिका का भी सरायकेला से नाता रहा है. अभी तक जिले के सौ से अधिक तीरंदाजों ने देश व विश्व स्तर पर मैडल प्राप्त हासिल किये हैं. दो दर्जन खिलाड़ियों को खेल के कारण विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी मिली है.

रिपोर्ट- विकास कुमार

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