तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग: न्यूज़ 18 से बोले SP- धारा 302 हटाया नहीं, बल्कि उसे 304 में बदला

एसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक इसमें 302 का मामला नहीं बनता था. इसलिए 304 का मामला बनाया गया. धारा 304 में भी धारा 302 की तरह सजा के प्रावधान हैं. इसमें भी उम्र कैद तक की सजा हो सकती है.

News18 Jharkhand
Updated: September 10, 2019, 6:18 PM IST
तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग: न्यूज़ 18 से बोले SP- धारा 302 हटाया नहीं, बल्कि उसे 304 में बदला
तबरेज अंसारी मामले में एसपी कार्तिक एस ने कहा कि धारा 302 को हटाया नहीं गया, बल्कि 304 में बदला गया है.
News18 Jharkhand
Updated: September 10, 2019, 6:18 PM IST
सरायकेला-खरसावां. तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले (Tabrez Ansari Mob Lynching Case) में सरायकेला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्तिक एस ने सफाई दी है. न्यूज़ 18 से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि इस मामले में धारा 302 को ड्रॉप नहीं किया गया है, बल्कि उसे 304 में बदला गया है. इस मामले में 13 लोगों के नाम सामने आए हैं. उनमें से 11 को पहले गिरफ्तार किया था. इनके खिलाफ तेजी से जांच पूरी कर चार्जशीट फाइल की गई. बाकी दो आरोपियों को हाल में गिरफ्तार किया गया है, जिनके खिलाफ जांच अभी जारी है.

एसपी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक इसमें 302 का मामला नहीं बनता था. इसलिए 304 का मामला बनाया गया. धारा 304 में भी धारा 302 की तरह सजा के प्रावधान हैं. इसमें भी उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. सिर्फ फांसी की सजा नहीं हो सकती है.

एसपी के मुताबिक पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर शक होने पर दूसरे मेडिकल बोर्ड से ओपिनियन मांगा गया. लेकिन दूसरे बोर्ड ने भी पहली रिपोर्ट को ही कन्फर्म किया. इसी आधार पर पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दायर की है. अब मामला कोर्ट के सामने है. अगर कोर्ट फिर से घटना की जांच का आदेश देता है, तो आगे उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी.

हिंसक भीड़ ने मोटरसाइकिल चोरी का आरोप लगाकर तबरेज अंसारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी (फाइल फोटो)


भीड़ ने पोल से बांधकर रात भर पीटा था

बता दें कि बीते 17 जून की रात को मृतक तबरेज अंसारी जमशेदपुर स्थित अपने रिश्तेदार (बुआ) के घर से सरायकेला खरसावां स्थित अपने गांव कदमडीहा लौट रहा था. इसी दौरान रास्ते में धातकीडीह गांव में ग्रामीणों ने मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में उसे पकड़ लिया और पोल से बांधकर रात भर उसकी पिटाई की. इस दौरान कथित रूप से उससे 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के नारे भी लगवाये गये. ग्रामीणों ने दूसरे दिन सुबह उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने घायल तबरेज का इलाज सदर अस्पताल में कराया, फिर शाम को उसे जेल भेज दिया था. इसके चार दिन बाद 22 जून की सुबह दोबारा तबरेज अंसारी को जेल से गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.

इस मामले में पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया था. साथ ही खरसावां थाना प्रभारी और सिनी ओपी प्रभारी को ड्यूटी में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया था. मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था.
Loading...

(रिपोर्ट- विकास कुमार)

ये भी पढ़ें- तबरेज मॉब लिंचिंग: पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह दिल का दौरा, आरोपियों पर से हटाया हत्या का आरोप

क्या है तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामला? यहां पढ़ें पूरी कहानी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए सराईकेला-खरसांवा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 10, 2019, 5:16 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...