दो वर्षीय बच्ची वर्षा सबर की मौत में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही आई सामने
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दो वर्षीय बच्ची वर्षा सबर की मौत में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही आई सामने
बच्ची की मौत की जांच करते गठित कमेटी के सदस्य

सरायकेला जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के टेंगाडीह पंचायत के तेतलो खड़िया बस्ती में बीते 26 जुलाई को दो वर्षीय बच्ची वर्षा सबर की मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की बातें सामने आई है.

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सरायकेला जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के टेंगाडीह पंचायत के तेतलो खड़िया बस्ती में बीते 26 जुलाई को दो वर्षीय बच्ची वर्षा सबर की मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की बातें सामने आई है. डीसी छविरंजन ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि बच्ची की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उसे बेहतर इलाज हेतु एमजीएम रेफर करने को लिखा गया मगर उसे एमजीएम पहुंचाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पहल नहीं की. दूसरी ओर बच्ची को लिखी गई दो दवाओं में से एक पैरा सिटामॉल तो उसे नि:शुल्क रुप से अस्पताल से मिल गई मगर एक दूसरी दवा उसे बाहर से खरीदनी पड़ी.यह आंशिक लापरवाही का मामला है. ऐसे में नीमडीह स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी कालाचंद मुंडा पर कार्रवाई हेतु स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को लिखा जाएगा.

मालूम हो कि सबर बच्ची की मौत के बाद डीसी छविरंजन ने चांडिल एसडीओ भागीरथ प्रसाद तथा सिविल सर्जन डा प्रियरंजन को संयुक्त रुप से जांच का जिम्मा देते हुए जांच रिपोर्ट तलब की थी.इस जांच रिपोर्ट के आलोक में डीसी ने कार्रवाई हेतु लिखा है.दरअसल मृतक सबर बच्ची पिछले एक हफ्ते से बीमार थी। पूर्व में उस बच्ची के इलाज हेतु नीमडीह स्वास्थ्य विभाग द्वारा खून जांच व अन्य इलाज किया गया था. वहीं 26 जुलाई की सुबह उस बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब होने पर स्थानीय पारा शिक्षक के सहयोग से बच्ची के पिता द्वारा इलाज के लिए नीमडीह प्राथमिक अस्पताल ले जाया गया था.लेकिन अस्पताल द्वारा भर्ती करने के बजाय उसे दो प्रकार की दवाईयां लिखी गईं.

उसी दिन शाम को ही बच्ची की तबीयत अचानक काफी खराब हो गई. जिसके बाद एंबुलेंस को बुलाने के लिए अस्पताल को फोन किया गया पर एंबुलेंस जब तक पहुंचती बच्ची ने दम तोड़ दिया.परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि अगर बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब थी तो उसे भर्ती क्यों नहीं किया गया या फिर रेफर ही क्यों नहीं किया गया. उधर अस्पताल के दस्तावेजों में बच्ची की रेफर की बात लिखी पाई गई.
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