क्या है तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामला? यहां पढ़ें पूरी कहानी

घटना 17 जून की रात को घटी. मृतक तबरेज अंसारी जमशेदपुर स्थित अपने फुआ के घर से सरायकेला स्थित अपने गांव कदमडीहा लौट रहा था. इसी दौरान रास्ते में धातकीडीह गांव में ग्रामीणों ने मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में उसे पकड़ लिया और बांधकर रात भर पीटा. चार दिन बाद सदर अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

Naween Jha | News18 Jharkhand
Updated: September 10, 2019, 12:25 PM IST
क्या है तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामला? यहां पढ़ें पूरी कहानी
पुलिस हिरासत में तबरेज अंसारी (फाइल फोटो)
Naween Jha | News18 Jharkhand
Updated: September 10, 2019, 12:25 PM IST
सरायकेला-खरसावां. तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. इसी साल जून में जब यह घटना घटी थी, तो यूनाइटेड नेशन (यूएन) तक में यह मामला गुंजा था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में इस घटना पर अफसोस जताया था. यह घटना 17 जून की रात को घटी. मृतक तबरेज अंसारी जमशेदपुर स्थित अपने फुआ के घर से सरायकेला स्थित अपने गांव कदमडीहा लौट रहा था. इसी दौरान रास्ते में धातकीडीह गांव में ग्रामीणों ने मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में उसे पकड़ लिया और बांधकर रात भर पीटा. इस दौरान कथित तौर पर उससे 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के नारे भी लगवाये गये. ग्रामीणों ने दूसरे दिन सुबह उसे पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने पहले उसका इलाज सदर अस्पताल में कराया, फिर शाम को जेल भेज दिया था.

सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

चार दिन बाद 22 जून की सुबह दोबारा तबरेज अंसारी को जेल से गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी. हालांकि परिजनों के द्वारा उसके जिंदा होने का दावा करने पर उसे सदर अस्पताल से जमशेदपुर टीएमएच रेफर कर दिया गया. लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने तबरेज को मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद पुलिस और परिजन उसे वापस सरायकेला लाए और शव का पोस्टमार्टम कराया गया.

मृतक तबरेज अंसारी की दो महीने पहले ही शादी हुई थी. 27 अप्रैल को उसका निकाह हुआ था. परिवारवालों के मुताबिक निकाह के लिए ही तबरेज पुणे से गांव आया था. निकाह के बाद ईद पर्व मनाने के लिए वह गांव में रुक गया था.

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तबरेज अंसारी को पोल से बांधकर रातभर पीटा गया था (फाइल फोटो)


बचपन में ही उठ गया था माता-पिता का साया 

तबरेज के सिर से माता-पिता का साया बचपन में ही उठ गया था. आठ साल की उम्र में मां दुनिया छोड़कर चली गई. बारह साल होते-होते पिता चल बसे. तबरेज और उसकी इकलौती बहन का पालन-पोषण चाचा के घर हुआ. दो साल पहले बहन की शादी हुई थी. बहन की शादी के बाद तबरेज पुणे काम करने चला गया था. वहां वह वेल्डिंग का काम करता था.
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पुलिस ने 11 लोगों को किया था गिरफ्तार

सरायकेला पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया था. पुलिस ने 22 जून को ही नामजद अभियुक्त पप्पू मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि बाद में 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई. उधर खरसावां थाना प्रभारी और सिनी ओपी प्रभारी को ड्यूटी में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया था. मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट की मांग की थी.

हत्या का आरोप हटा

अब सरायकेला पुलिस ने इस मामले में सभी 11 आरोपियों के ऊपर से हत्या का आरोप हटा दिया है. पुलिस के द्वारा दायर आरोपपत्र में ये बताया गया कि अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक तबरेज अंसारी की मौत कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) से हुई. ऐसे में हत्या का मामला नहीं बनता है.

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First published: September 10, 2019, 12:25 PM IST
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