'सरना धर्म कोड' पर झारखंड में गरमाई राजनीति, बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाया धर्मांतरण छिपाने का आरोप

झारखंड में आदिवासी धर्मकोड बनाम सरना को लेकर बीजेपी और कांग्रेस, आमने- सामने हैं.
झारखंड में आदिवासी धर्मकोड बनाम सरना को लेकर बीजेपी और कांग्रेस, आमने- सामने हैं.

झारखंड (Jharkhand) में आदिवासी धर्म कोड को लेकर बीजेपी (BJP) ने कांग्रेस (Congress) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं कांग्रेस ने उनको सलाह नहीं देने के लिए कहा है. इसके बाद से राज्य में राजनीति (Politics) गरमा गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 12:35 PM IST
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रांची. झारखंड (Jharkhand) में आदिवासी धर्म कोड को लेकर राजनीति गरमा गई है. एक तरफ सरना बनाम आदिवासी धर्मकोड (Aadiwasi Dhamcode) का मुद्दा गरम हो रहा है तो दूसरी तरफ बीजेपी (BJP) ने इस तमाम मुद्दे को कांग्रेस (Congress) का हिडेन एजेंडा बताकर दीपावली से पहले पॉलिटिकल बम फोड़ दिया है.

एक ओर प्रदेश के अलग-अलग आदिवासी संगठन सरना बनाम आदिवासी धर्म कोड की मांग को लेकर आमने-सामने हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने इस पूरे मुद्दे के पीछे कांग्रेस का हाथ बताया है. बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस धर्मकोड के नाम पर पर्दे के पीछे धर्मांतरण छिपाने का खेल खेल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भोले-भाले आदिवासियों का लगातार ईसाई धर्म में धर्मांतरण किया जा रहा है. बीजेपी विधायक ने कहा कि अगर ईसाई मिशनरियों को आदिवासी समाज का विकास करना ही है तो बिना धर्मांतरण के ही उनका विकास क्यों नहीं करते.

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कांग्रेस ने कही ये बात
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस कोटे के मंत्री रामेश्वर उरांव ने बीजेपी के इस आरोप पर पलटवार किया है. प्रदेश के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि बीजेपी कांग्रेस को सिखाने का काम ना करे. आदिवासी समाज को पता है कि धर्म कोड उनके लिए क्या मायने रखता है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में भी सरना धर्म कोड लागू करने की आवाज उठी थी, लेकिन पूर्ववर्ती रघुवर सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. धर्मकोड के नाम पर बीजेपी और कांग्रेस के आपस में भिड़ने के बाद जेएमएम ने भी इस तमाम मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.

जेएमएम महासचिव क्या बोले
जेएमएम महासचिव विनोद पांडे ने कहा कि धर्मकोड का मुद्दा पुराना है, लेकिन इस पर पिछली सरकार खामोश रही और अब जब हेमंत सरकार इसका समाधान करने जा रही है तो बीजेपी को तकलीफ हो रही है. बहरहाल धर्म कोड के नाम पर प्रदेश में दोनों राष्ट्रीय दल आमने-सामने हैं और एक दूसरे पर जमकर आरोप भी लगा रहे हैं. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि धर्म कोड की मांग और राजनीति के पीछे कांग्रेस पर लग रहे धर्मांतरण के आरोप में कितनी सच्चाई है.
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