एसडीओ ने निजी स्कूलों के प्राचार्य के साथ की बैठक, कहा- अभिभावकों जबरन फीस वसूला तो होगी कार्रवाई

स्कूल प्रिंसिपलों से बात करते एसडीओ.
स्कूल प्रिंसिपलों से बात करते एसडीओ.

अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में निजी स्कूलों के प्राचार्यों (School Principals) के साथ बैठक की गई. इस बैठक में कोरोना काल (Corona Era) में होम ट्यूशन और कोचिंग संस्थान न चलाने के निर्देश दिये गये. एसडीएम ने कहा कि अभिभावकों पर फीस (School Fee ) जमा करने के लिए दबाव डालने पर कार्रवाई की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 9:31 PM IST
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कोडरमा. निजी स्कूलों(Private School) के प्राचार्य/उपप्राचार्यों के साथ अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक की गई. यह सबसे पहले अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा कोरोना काल(Corona Era) में स्कूली शिक्षा व्यवस्था (School Education System) से बनी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई. स्कूल प्रतिनिधियों के द्वारा बताया गया कि फीस (Fees) के मामले में सक्षम लोग भी फीस देने में असमर्थता दिखा रहे हैं, जिससे स्कूल प्रबंधन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके कारण कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने में परेशानी हो रही है.

अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा निदेश दिया गया कि अभिभावकों पर फीस जमा करने हेतु किसी प्रकार का दबाव ना बनाया जाए. वहीं स्कूलों को कहा गया कि छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन क्लास को बंद ना करें. कोरोना काल में सभी स्कूल अपना सामाजिक दायित्व को भी समझें. स्कूल का मूल उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना है. एसडीएम ने प्राईवेट/होम ट्यूशन को लेकर खेद प्रकट करते हुए बताया कि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि बच्चों को कुछ शिक्षकों के द्वारा प्राईवेट ट्यूशन दिया जा रहा है. जमावड़ा लगाकर कोचिंग संस्थान भी चलाया जा रहा है. सभी स्कूल प्रबंधन को निदेश दिया गया कि अगर इस प्रकार की शिकायतें हैं तो उसे सुधार लें. उन शिक्षकों को प्राईवेट/होम ट्यूशन लेने और कोचिंग चलाने से मना करें, अन्यथा पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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बैठक में वर्तमान में सभी स्कूलों के द्वारा कराई जा रही ऑनलाइन क्लासेस पर विस्तृत चर्चा की गई. स्कूल प्रतिनिधियों के द्वारा बताया गया कि विगत छः माह से सभी स्कूलों के द्वारा ऑनलाइन क्लासेस चलाई जा रहा है. अधिकारियों ने निर्देश दिया कि स्कूलों में एकेडमिक सेंटर बनाए, जिससे अपर क्लास के बच्चों के द्वारा लोअर क्लास के बच्चे को किसी प्रकार की समस्या होने पर उसे गाइड किया जा सके. साथ ही बच्चों को चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर 1098 के बारे में जानकारी देने एवं जीवन के विभिन्न आयामों से जोड़ने हेतु ओल्ड एज होम, मेंटल चिल्ड्रेन इत्यादि का वीडियो दिखाने पर जोर दिया गया. इससे उनका सर्वागीण विकास होगा. अधिकारियों ने का कि स्कूल खोलने की अनुमति मिलने के बाद ही स्कूलों को खोला जाना चाहिए.


स्कूल में मोबाइल लेकर जाने को प्रतिबंधित किया गया है. इस पर स्कूल प्रबंधन को सत्त निगरानी रखने पर जोर दिया गया, ताकि शिक्षा का माहौल खराब ना हो. बच्चों को सभी प्रकार ओलम्पियाड जैसे NTSE, हिन्दुस्तान ओलम्पियाड, NSO इत्यादि में भाग लेने हेतु प्रेरित करने के संबंध में निदेश दिया गया है, जिससे बच्चों में प्रतियोगी क्षमता का विकास हो सके. बच्चे हीन भावना से ग्रसित ना हों, उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना बनी रहे. स्कूल प्रतिनिधियों को निदेश दिया गया कि स्कूलों में जो गरीब और मेधावी बच्चे पढ़ रहे हैं और जो ऑनलाइन क्लास में भाग लेने से वंचित हैं उन बच्चों की सूची तैयार कर अतिशीघ्र उपलब्ध करायें ताकि जिला प्रशासन के द्वारा उनकी मदद किया जा सके.
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