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झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ी पौष्टिक आहार के बदले खा रहीं माड़-भात

झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ी पौष्टिक आहार के बदले खा रहीं माड़-भात

पौष्टिक आहार के बदले माड़-भात खाने को मजबूर है झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ी

पौष्टिक आहार के बदले माड़-भात खाने को मजबूर है झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ी

Simdega News: हॉकी खिलाड़ियोंं को प्रतिदिन एक-डेढ़ लीटर दूध, दो अंडे, 100 ग्राम दाल, हरी सब्जी, मांसाहारी को 200 ग्राम मांस, शाकाहारी काे राजमा, सेब, अनार और खजूर दिया जाना चाहिए. रोज माड़-भात खाने से बच्चियों को एनीमिया हो सकता है.

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    रिपोर्ट- श्रीराम
    सिमडेगा. खेल प्राधिकार की लापरवाही से पोषाहार के अभाव में जिले की महिला हाॅकी खिलाड़ी माड़-भात खाने और खेतों में काम करने को मजबूर हैं. पिछले डेढ़ वर्ष से इन्हें पोषाहार के पैसे नहीं मिल रहे हैं. लिहाजा खिलाड़ी पौष्टिक आहार नहीं ले पा रही हैं. सलीमा टेटे और निक्की प्रधान जिस सेंटर से ट्रेनिंग लेकर ओलंपिक तक पहुंची, वहां की खिलाड़ी नमक-प्याज के साथ माड़-भात खाकर अभावाें के मैदान में हाॅकी का अभ्यास कर रही हैं. राष्ट्रीय मैचों में राज्य को गोल्ड-सिल्वर दिलाने वाली बेटियों को 17 महीने से पौष्टिक आहार की राशि नहीं मिली है.

    राज्य के तीन मॉडल प्रशिक्षण केंद्राें में 75 महिला खिलाड़ी अभ्यास करती थीं. काेराेना के चलते अप्रैल 2020 में सबकाे घर भेज दिया गया. फिटनेस और प्रैक्टिस के लिए खिलाड़ियों के खाते में राशि भेजी जानी थी. हरेक को 175 रुपये प्रतिदिन मिलने थे, पर नहीं मिले. लिहाजा खिलाड़ी मजबूरी में माड़-भात खाने और मजदूरी करने को मजबूर हैं.

    सिमडेगा की दीप्ति कुल्लू राज्य काे हाॅकी खेलाें में कई गाेल्ड-सिल्वर मेडल दिला चुकी है. दीप्ति के परिवार की आमदनी इतनी नहीं कि फिटनेस के लिए दूध, पनीर और मांसाहारी भोजन की व्यवस्था करा सके. दीप्ति के अनुसार, खुद काे फिट रखना चुनाैती है. जबतक शरीर में सांसें हैं, खेल के लिए समर्पित रहूंगी.

    न्यूज-18 की टीम जब दीप्ति के घर पंहुची तो वह खेत में धान की रोपाई कर रही थी. दीप्ति ने बताया कि उन जैसी खिलाड़ियों को पाैष्टिक आहार जरूरी है. लेकिन घर की हालत के आगे वे सब मजबूर हैं. किसी तरह पौष्टिक भोजन की कोशिश कर रही है. भले ही वो माड़- भात से मिले.

    हॉकी खिलाड़ियोंं को प्रतिदिन एक-डेढ़ लीटर दूध, दो अंडे, 100 ग्राम दाल, हरी सब्जी, मांसाहारी को 200 ग्राम मांस, शाकाहारी काे राजमा, सेब, अनार और खजूर दिया जाना चाहिए. रोज माड़-भात खाने से बच्चियों को एनीमिया हो सकता है. कैल्शियम और प्रोटीन की कमी से स्टेमिना खत्म हो जाएगा. लेकिन आज पैसों की अभाव में इन्हें कुछ नहीं मिल रहा है. देश के भविष्य ये खिलाडी कमजोर हो रहे हैं.

    सिमडेगा हाॅकी संघ के पदाधिकारी कभी-कभी कुछ अनाज और पौष्टिक आहार इन्हें देते हैं, जो नाकाफी साबित होता है. खेलसंघ भी खेल प्राधिकार के द्वारा पैसे नहीं मिलने से परेशान हैं.
    खेल प्राधिकार की लापरवाही से खेल का भविष्य कमजोर हो रहा है फिर गोल्ड कैसे आएगा.

    Tags: Hockey, Jharkhand Government

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