रेलवे की एक और बड़ी लापरवाही, 342 प्रवासी मजदूरों को बीच रास्ते में ही छोड़ कर ट्रेन आगे बढ़ गई
Simdega News in Hindi

रेलवे की एक और बड़ी लापरवाही, 342 प्रवासी मजदूरों को बीच रास्ते में ही छोड़ कर ट्रेन आगे बढ़ गई
महाराष्ट्र से करीब 400 मजदूरों को लेकर एक ट्रेन ओडिशा जा रही थी. (सांकेतिक चित्र)

झारखंड (Jharkhand) के एक स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन में से करीब 350 प्रवासी मजदूर (Migrant Laborers) उतर गए और पेड़ों की छाया में बैठ गए. कुछ पैसेंजर्स (Passengers) इधर-उधर भोजन-पानी की तलाश करने लग गए. इसी बीच ट्रेन खुल गई और 342 यात्री ट्रेन से छूट गए.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
नई दिल्ली. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान इंडियन रेलवे (Indian Railway) लगातार चर्चा में रह रही है. प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) को उनके घर तक पहुंचाने में रेलवे बढ़-चढ़ कर भाग ले रही है. वहीं रेलवे की तरफ से कुछ लापरवाही भी सामने आ रही है. इंडियन रेलवे की सोमवार को एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है. महाराष्ट्र से करीब 400 मजदूरों को लेकर एक ट्रेन ओडिशा जा रही थी, लेकिन सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जब यह ट्रेन झारखंड के कानारोवा स्टेशन पर पहुंची तो ट्रेन को कुछ देर के लिए रोक लिया गया. स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में से करीब 350 मजदूर उतर गए और पेड़ों की छाया में बैठ गए. कुछ पैसेंजर्स इधर-उधर भोजन-पानी की तलाश करने लग गए. इसी बीच ट्रेन खुल गई और 342 पैसेंजर ट्रेन से छूट गए.

342 पैसेंजर को ट्रेन रास्ते में छोड़ा
महाराष्ट्र के रेड जोन से आ रहे इन मजदूरों का इस तरह स्टेशन पर छूट जाना प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गया है. बानो के बीडीओ समीर खलखो के मुताबिक, 'इस स्थिति के लिए स्टेशन मास्टर की लापरवाही सीधे तौर पर जिम्मेवार है. इन मजदूरों को राउरकेला स्टेशन पर उतरना था, लेकिन अब कानारोवा स्टेशन पर उतरने से प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है. जिला प्रशासन मजदूरों को बस के जरिये गंतव्य स्थान पर भेजने की व्यवस्था कर रहा है. फिलहाल प्रशासन इन मजदूरों के लिए भोजन-पानी का इंतजाम कर रही है.'

इस तरह से मजदूरों का स्टेशन पर छूट जाने पर जिला प्रशासन परेशान है. जिले के सभी बड़े अधिकारी इन मजदूरों को उनके गंतव्य स्थान भेजने के लिए प्रयास कर रहे हैं. स्थिति बिगड़े न इसके लिए प्रशासन ने जैप के जवानों को स्टेशन पर तैनात किया है. साथ ही यात्रियों लिए गुड़ चुड़ा पानी की ब्यवस्था की गई है.



सभी को जाना था ओडिशा


वहीं कानारोवा स्टेशन के स्टेशन मास्टर कल्याण टोप्पो ने कहा है कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नही हुई है. ट्रेन के परिचालन के लिए ग्रीन सिग्नल दिया था, लेकिन इंजन में खराबी के कारण ट्रेन ड्राइवर ने इंजन बनाने के लिए ट्रेन खड़ी किया था. ट्रेन को स्टेशन से थ्रू सिग्नल दिया हुआ था, लेकिन ट्रेन के ड्राइवर ने मुझे वॉकी-टॉकी से बताया कि ट्रेन के इंजन में कुछ खराबी आ गई है. ट्रेन को रोकना पड़ेगा. ड्राइवर ट्रेन को स्टेशन में खड़ी कर इंजन को बनाने के बाद ट्रेन को चलाया, लेकिन यात्री लोग ट्रेन को रोकने के लिए कई बार चैन खिंच कर रोकने का भी प्रयास किया लेकिन ट्रेन नहीं रुकी. ।

फिलहाल ट्रेन से उतरे 342 मजदूर उड़ीसा के भद्रक, कटक, भुवनेश्वर सहित कई अलग अलग जगहों से हैं. सिमडेगा के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

ये भी पढ़ें: 

Lockdown: मुंबई से गोरखपुर के लिए चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची राउरकेला, कांग्रेस के इस नेता ने ली चुटकी
First published: May 25, 2020, 8:50 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading