संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले- विश्वगुरु बनने की राह पर है भारत

रामरेखाधाम के धर्माचार्य उमाकांत जी महाराज के अनुरोध पर संघ प्रमुख बुधवार को रामरेखाधाम पहुंचे थे. इससे पहले वे 30 जुलाई की शाम रांची आए. रांची के निवारणपुर में रात्रि विश्राम किया. बुधवार को रांची से सिमडेगा पहुंचे. सिमडेगा स्थित रामरेखाधाम पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया.

Rajesh Kumar | News18 Jharkhand
Updated: August 1, 2019, 8:28 AM IST
संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले- विश्वगुरु बनने की राह पर है भारत
सिमडेगा में संघ प्रमुख बोले- भारत विश्वगुरू बनने की राह पर है (फाइल फोटो)
Rajesh Kumar | News18 Jharkhand
Updated: August 1, 2019, 8:28 AM IST
संघ प्रमुख मोहन भागत ने कहा कि भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. विदेशों में भारत का सम्मान बढ़ा है. आज विदेशों में भारतीय सिर ऊंचा कर चल रहे हैं. वे सिमडेगा के रामरेखाधाम में धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मनुष्य स्वयं की कमियों के लिए खुद जिम्मेवार होता है. अगर वह लक्ष्य को पाना चाहे, तो कोई उसे रोक नहीं सकता है.

संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू समाज धर्म का आचरण कर समाज निर्माण कर सकता है. सनातन धर्म में करुणा, शील और आचरण का बड़ा महत्व है. इसका हमें पालन करना चाहिए. समाज में वो शक्ति है कि वह कुछ भी अच्छा काम कर सकता है.

संघ प्रमुख का रामरेखाधाम में भव्य स्वागत 

रामरेखाधाम के धर्माचार्य उमाकांत जी महाराज के अनुरोध पर संघ प्रमुख यहां बुधवार को पहुंचे थे. इससे पहले वे 30 जुलाई की शाम रांची आए. रांची के निवारणपुर में रात्रि विश्राम किया. बुधवार को रांची से सिमडेगा पहुंचे. सिमडेगा स्थित रामरेखाधाम पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया.

mohan bhagwat
रामरेखाधाम में मोहन भागवत


रामरेखाधाम के विकास को लेकर संघ प्रमुख ने उमाकांत जी महाराज से करीब एक घंटे तक बात की. इस स्थान का विशेष महत्व है. ऐसा कहा जाता है कि वनवास के दौरान भगवान राम, सीता और उनके छोटे भाई लक्ष्मण यहां ठरहे थे. यहां पर चौका, कुंड और पादुका के निशान उत्कीर्ण हैं.

राम सर्किट में होना चाहिए रामरेखाधाम
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उमाकांत जी महाराज का कहना है कि राम सर्किट के अधीन इस स्थान को भी आना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मोहन भागवत के आने से शायद इस कमी पर सरकार की नजर पड़ेगी.

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First published: August 1, 2019, 8:27 AM IST
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