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Jharkhand Election Result 2019: उलटफेर हुआ तो इन छोटे दलों के दरवाजों पर दिख सकते हैं बड़ी पार्टियां
Ranchi News in Hindi

News18Hindi
Updated: December 23, 2019, 9:56 AM IST
Jharkhand Election Result 2019: उलटफेर हुआ तो इन छोटे दलों के दरवाजों पर दिख सकते हैं बड़ी पार्टियां
रघुवर दास और हेमंत सोरेन

खास बात ये है कि एग्जिट पोल (Exit Poll) के रुझान आने के बाद अब उम्मीद भी ऐसे ही नेताओं (Politician) पर आकर टिकी है जिनसे टिकट वितरण के दौरान नाराजगी मोल ले ली थी

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  • Last Updated: December 23, 2019, 9:56 AM IST
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नई दिल्ली. सियासत कब किसे दगा दे जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. यह सियासत का ही उलटफेर होता है कि वक्त पड़ने पर बड़े-बड़े दल भी छोटी पार्टियों और निर्दलियों की चौखट पर खड़े नज़र आते हैं. सियासी जानकारों की मानें तो झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election) के रुझान कुछ ऐसा ही इशारा दे रहे हैं. आजसू (AJSU) और जेवीएम (JVM) इस चुनाव में अहम रोल निभा सकते हैं. वहीं मौका पड़ने पर वामपंथी दल भी झारखंड (Jharkhand) की सत्ता का हिस्सा हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, झारखंड बीजेपी नेतृत्व ने अजसू अध्यक्ष सुदेश महतो (Sudesh Mahto) और जेवीएम के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) से संपर्क किया है.

सियासी जानकार और डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉक्टर अरशद बताते हैं, चुनावों के दौरान सियासी समीकरण बदले तो बड़े दलों ने कुछ नेताओं से पल्ला झाड़ते हुए उन्हें किनारे लगा दिया, लेकिन ऐसे नेता भी बड़े माहिर निकले, चुनाव मैदान में अपने बूते ताल ठोककर खड़े हो गए. पार्टियों ने उनके खिलाफ कार्रवाई भी की. मैदान से हटाने के लिए तिकड़म भी चली, लेकिन खास बात ये है कि एग्जिट पोल आने के बाद अब उम्मीद भी ऐसे ही नेताओं पर आकर टिकी है.

जिनसे पल्ला झाड़ा, अब वो बन सकते हैं खेवनहार

बीजेपी और जेएमएम दोनों बड़े दलों ने विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन एग्जिट पोल के आंकड़े बताते हैं कि सरकार बनाने के लिए अब दोनों ही खेमों को सहयोगियों की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में बीजेपी को आजसू से आस है तो तमाम गिले-शिकवे होने के बाद जेवीएम पर डोरे डाले जा रहे हैं. वहीं जेएमएम-कांग्रेस को जेवीएम से सहयोग की उम्मीद है और वामपंथियों का साथ भी चाहिए. मतलब ये है कि जैसे-जैसे नतीजे आते जाएंगे तो उसी के साथ जेवीएम-आजसू का कद तय होता जाएगा.

निर्दलीयों के डेरे पर भी लग सकता है सियासी मेला

राजनीतिक विश्लेषक सुरेंद्र झा बताते हैं, 'एग्जिट पोल के नतीजे और मतगणना के शुरआती रुझान बता रहे हैं कि इस चुनाव में निर्दलियों का कद भी बढ़ने वाला है. छोटे-बड़े दलों के साथ ही निर्दलीय भी झारखंड की सत्ता में खड़े दिखाई दे सकते हैं. जो दल निर्दलियों को कमजोर आंक रहे थे उन्हीं दलों को अब निर्दलियों का आसरा दिखाई दे रहा है. दरअसल कांग्रेस और बीजेपी की चुनावी रैलियों में इस बात के संकेत भी दिए गए थे कि सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए दूसरों का सहारा भी लिया जा सकता है.'

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First published: December 23, 2019, 8:41 AM IST
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