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पुलिस की मदद को आगे आए नक्सलियों के गढ़ बीरबांकी के ग्रामीण

Shailendra | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: May 31, 2017, 5:26 PM IST
पुलिस की मदद को आगे आए नक्सलियों के गढ़ बीरबांकी के ग्रामीण
खूंटी - ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत होती पुलिस

हाल में दो बार नक्सलियों ने खूंटी में बीरबांकी स्थित स्कूल भवन एवं मोबाइल टावर को उड़ाया.

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झारखंड के खूंटी जिले के बीरबांकी को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है. हाल ही में यहां नक्सलियों ने स्कूल भवन एवं मोबाइल टावर को उड़ा दिया. इन घटनाओं को अंजाम देकर नक्सलियों ने अपने वर्चस्व का एहसास कराया. लेकिन अब ग्रामीण पु‍लिस की मदद करने के लिए आग आए हैं, ता‍कि‍ नक्‍‍‍सलियाें काे जवाब दिया जा सके.

खूंटी के एसपी अश्विनी सिन्हा की उपस्थिति में ग्रामीणों ने कहा कि यदि पुलिस गांव में कैंप बनाना चाहती है तो बना ले. ग्रामीणों ने पुलिस से मोबाइल टॉवर की क्षमता बढ़ाने की भी बात की. इस पर एसपी  ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन की पूरी कोशिश ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की है. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश ग्रामीणों के मन से भय को खत्म करना है. साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के संदर्भ में मैं डीसी से बात कर उन्हें यहां की समस्याओं से अवगत कराऊंगा.

बता दें कि एक तरफ नक्सलियों के खिलाफ पुलिस की मदद को ग्रामीण आगे आए तो गांव के गोपाल मुंडा की पत्नी एवं बेटी ने नक्सली घटना के पांच साल बाद भी मुआवजा या कोई अन्य सरकारी मदद नहीं मिलने का आरोप सरकार पर लगाया. इस शिकायत को सुनने के बाद मौके पर ही एसपी ने पीड़िता का आवेदन लेकर उन्हें जल्द ही मदद करने का आश्वासन दिया.

कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के सरेंडर करने के बाद नक्सली गतिविधियां अचानक बढ़ गई हैं. ऐसे में ग्रामीण पुलिस की मदद कर नक्सली गतिविधियों को काबू करने में मददगार साबित हो सकते हैं.

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First published: May 31, 2017, 5:26 PM IST
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