पश्चिमी सिंहभूम : 250 आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे मॉडल, आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्कूल

फरवरी तक सभी 250 आंगनवाड़ी केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर प्ले और लर्निंग स्कूल के रूप में शुरू हो जाएंगे. इन मॉडल केंद्र में कुपोषण, शिक्षा और स्वच्छता पर खास फोकस रहेगा.

Upendra Gupta | News18 Jharkhand
Updated: December 12, 2018, 11:30 AM IST
पश्चिमी सिंहभूम : 250 आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे मॉडल, आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्कूल
250 आंगनबाडी केंद्र बनेंगे मॉडल, आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्कूल
Upendra Gupta | News18 Jharkhand
Updated: December 12, 2018, 11:30 AM IST
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के 250 आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल केंद्र बनाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है. फरवरी तक सभी 250 आंगनवाड़ी केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर प्ले और लर्निंग स्कूल के रूप में शुरू हो जाएंगे. इन मॉडल केंद्र में कुपोषण, शिक्षा और स्वच्छता पर खास फोकस रहेगा.  इन 250 आंगनबाडी केंद्रों के बाद जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्र को मॉडल केंद्र में तब्दील कर कर दिया जाएगा.  इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्रों की 500 सेविका-सहायक सेविका और 50 पर्यवेक्षिका को 7 दिन का विशेष आवासीय प्रशिक्षण 27 दिसंबर से दिया जाएगा.

राज्य सरकार के निर्देश पर डीसी अरवा राजकमल और डीडीसी आदित्य रंजन ने कुपोषण से जुझ रहे जिले को आंगनवाड़ी केंद्रों को विकसित करने के लिए यह प्रोजेक्ट तैयार किया है. जिसके प्रथम चरण में चाईबासा और आस-पास के इलाके के 100 आंगनवाड़ी केंद्र को मॉडल  बनाया जा रहा है, वहीं सारंडा के मनोहरपुर में 150 केंद्रों को मॉडल बनाने के तैयारी है. जिला प्रशासन डीएमएफटी फंड से 100 केंद्र बनाएंगी, जबकि वेदांता कंपनी सीएसआर के तहत सारंडा में 150 आंगनवाड़ी केंद्र बनाएंगी. इसके लिए वेदांता कंपनी और डीसी के बीच एमओयू किया गया है.



इन मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को मानसिक, शौक्षणिक और शारीरिक रूप से विकसित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा. मुख्य फोकस बच्चों के पोषण को लेकर होगा, ताकि बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं हो और जो कुपोषण के शिकार हैं, उन पर विशेष ध्यान रखा जाए. पोषण के बाद बच्चों को शिक्षण पर खास ध्यान रखा जाएगा. उन्हें किताब-कॉपी की जगह दिवारों पर अंकित जानकारियों को खेल-खेल में सिखाया-पढाया जाएगा. अब तक आंगनबाडी केंद्र के बच्चों का कोई ड्रेस नहीं था, लेकिन अब उनका भी एक ड्रेस होगा. फिलहाल जिला प्रशासन ने चाईबासा के सिकुरसाई में एक आंगनवाड़ी केंद्र को मॉडल के रूप में विकसित किया है, जो बेहद आकर्षक है.

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