लावारिस हालत में मिले डेढ़ महीने के बच्‍चे को 13 दिन बाद मिली मां की गोद, पिता-सौतेली मां पहुंचे जेल

रेल लाइन के किनारे लावारिस हालात में मिला था बच्‍चा.

पश्चिमी सिंहभूम ( West Singhbhum) के चाईबासा (Chaibasa) में बाल कल्याण समिति और पुलिस ने एक लावारिस हालात में मिले बच्‍चे को उसकी मां को सौंप दिया है.

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चाईबासा. झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले ( West Singhbhum District) के चाईबासा (Chaibasa) में एक अजब मामला सामने आया है. जी हां, इसी 12 अगस्त को चक्रधरपुर में रेल लाइन के किनारे लावारिस हालात में मिले डेढ महीने शिशू को उसकी मां सीता गागराई को बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee)और पुलिस ने सौंप दिया है. जबकि इस मामले में बच्‍चे के पिता विक्रम गागराई और उसकी पहली पत्नी जिरे गागराई को गिरफ्तार जेल भेज दिया है.

ये है पूरा मामला
चक्रधरपुर में रेल लाइन के किनारे लावारिस हालात में मिले डेढ महीने शिशू को उसकी मां सीता गागराई पहुंचाने में टीवी चैनल और अखबार की भूमिका अहम रही है. बच्चे की बरामदगी की खबर देखने और पढ़ने के बाद उसकी मां अपने ग्राम प्रधान के साथ चक्रधरपुर थाना पहुंची थी और उस बच्चे की मां होने का दावा किया था, जिसके बाद पुलिस और बाल कल्याण समिति ने उसके दावे को सही माना और बच्‍चा उसे सौंप दिया.

पश्चिमी सिंहभूम , West Singhbhum, Chaibasa, चाईबासा
बच्‍चे को उसके पिता ने अपनी दूसरी पत्‍नी के साथ मिलकर रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया था.


दरअसल, सीता गागराई को उसके पति और सौतन ने मिल कर 11 अगस्त को मार-पीट कर घर से निकाल दिया और बच्चे को जबरन रख लिया. हालांकि वह दूसरे दिन यानी 12 अगस्त को बच्‍चे को चुपचाप रेलवे लाइन किनारे रख कर चले गए थे. वहीं, बच्चा रेलवे लाइन के किनारे रिफ्यूजी कॉलोनी को लोगों मिला था और फिर से स्‍थानीय पुलिस को सौंप दिया गया था. जबकि टीवी चैनल और अखबार में बच्‍चे की खबर देख और पढ़कर सीता गागराई ने गांव के प्रधान के साथ पुलिस से संपर्क साधा था. जबकि जांच के बाद पुलिस और बाल कल्याण समिति ने सीता के दावे को सही पाया और बच्‍चा उसके हवाले कर दिया.

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