25 साल बाद चक्रधरपुर में बाढ़ का मंजर, 500 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में

News18 Jharkhand
Updated: August 19, 2019, 10:38 PM IST
25 साल बाद चक्रधरपुर में बाढ़ का मंजर, 500 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में
चक्रधरपुर में बाढ़ से भारी तबाही

बाढ़ में चक्रधरपुर की कुदड़ीबाड़ी, भलियाकूदर, ढीपासाही, फातू काॅलोनी, दंदासाई, बंगलाटांड़ निचला इलाका, रिफ्यूजी कॉलोनी, सिंबाडीह और कराईकेला साव टोला बस्ती डूब गई हैं.

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पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर में संजय नदी के किनारे बाढ़ की त्रासदी देखी जा सकती है. सोमवार को नदी का जलस्तर नीचे उतरा है, तो बाढ़ के जख्म उभरने लगे. गरीबों के घर ढह कर बह गए हैं. लोग जान बचने के बाद अब अपने घर को देखने पहुंच रहे हैं, लेकिन कुछ बचा नहीं है. घरों में मौजूद सारे सामान नष्ट हो गये हैं. पलंग, आलमारी, साइकिल, पैसे, जेवर, बिस्तर, कपडे, मवेशी तक बाढ़ ने लील ली है. लोगों के पास अब रहने के लिए न तो छत है और न ही खाने के लिए पैसे.

स्वंयसेवी संस्थाएं कर रहीं मदद 

हालांकि इनकी मदद के लिए शहर की कुछ स्वंयसेवी संस्थाएं आगे आयी हैं. लोगों को बाढ़ से बचाने से लेकर राहत शिविर में पनाह और खाना देने का काम ये संस्थाएं कर रही हैं. चक्रधरपुर जेएलएन कॉलेज में करीब सौ लोगों को रखा गया है. साईं मोंटेसरी स्कूल में भी राहत शिविर बनाया गया है. यहां करीब चार सौ लोग शरण लिये हुए हैं. पीड़ितों की मदद में शहर की कुछ महिलाएं भी आगे आई हैं.

प्रशासन तैयार कर रहा पीड़ितों की सूची 

प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में दवा और चिकित्साकर्मियों की तैनाती की गई है. बाढ़ पीड़ितों की सूची तैयार की जा रही है, जिनको घर और संपत्ति का नुकसान पहुंचा है. पीड़ितों का कहना है कि उनका सारा कुछ नदी की बाढ़ ने लील ली है. उनके पास अब कुछ बचा नहीं है. सरकार अगर उन्हें रहने के लिए छत और जीने- खाने के लिए आर्थिक मदद करेगी, तो ही जिंदगी फिर से पटरी पर लौट सकेगी.

1994 के बाद रविवार को चक्रधरपुर ने बाढ़ की विभीषिका को देखा. पहाड़ी नदियों के कारण संजय नदी में पानी की वृद्धि होने से बाढ़ आ गई. जिसके प्रभाव में नदी किनारे वाली कई बस्तियां डूब गईं. इन प्रभावित इलाकों के करीब 800 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है. रविवार को जिलेभर में काफी बारिश भी हुई थी.

बाढ़ के चलते ये बस्तियां डूबीं
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कुदड़ीबाड़ी, भलियाकूदर, ढीपासाही, फातू काॅलोनी, दंदासाई, बंगलाटांड़ निचला इलाका, रिफ्यूजी कॉलोनी, सिंबाडीह, कराईकेला साव टोला.

रिपोर्ट- उपेन्द्र गुप्ता 

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First published: August 19, 2019, 10:36 PM IST
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