लाइव टीवी

नक्सली चंगुल से निकली नाबालिग ने बयां किया दर्द- अपहरण कर 2 साल तक मेरे जिस्म को रौंदा
West-Singhbum News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: March 23, 2020, 11:45 AM IST
नक्सली चंगुल से निकली नाबालिग ने बयां किया दर्द- अपहरण कर 2 साल तक मेरे जिस्म को रौंदा
झारखंड के चाइबासा में नक्सलियों के चंगुल से निकली नाबालिग ने बयां की दर्द की दास्तां. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पीड़िता ने बताया कि कई बार उसने भाग निकलने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे पकड़कर फिर से दस्ते में शामिल कराया गया. इसके पीछे केवल शारीरिक भूख मिटाना मकसद था.

  • Share this:
चाईबासा. झारखंड के कोल्हान इलाके में भाकपा माओवादियों के घृणित चेहरे को सुरक्षाबलों ने बेनकाब किया. दो साल पहले नक्सलियों ने 10 साल की मासूम बच्ची का अपहरण (Kidnap) कर उसे दस्ते में शामिल करा लिया. इसके बाद 2 साल तक उसे अपनी हवस का शिकार बनाते रहे. बच्ची चिल्लाती थी, चीखती थी, लेकिन बंदूक की नोक पर उसे खामोश कर दिया जाता था. दूसरी बहन को उठा लेने का भय दिखाता जाता था. माता-पिता को भी कई तरह की धमकियां मिलती थीं. सुरक्षा बलों (Security Forces) की कोशिशों से नक्सलियों के चंगुल से बाहर निकली नाबालिग ने रूह कंपा देने वाली दास्तां बयां की.

कई बार भागने की कोशिश की
पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार नक्सली दस्ते से भाग निकलने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे पकड़कर फिर से दस्ते में शामिल करा लिया गया. इसके पीछे केवल शारीरिक भूख मिटाना मकसद था. हालांकि दस्ते में रहने के कारण उसके ऊपर पुलिस में सात मामले दर्ज हो गए.

नक्सली कमांडर के साथ रहती थी



पीड़िता के मुताबिक, वह माओवादी कमांडर जीवन कंडुलना दस्ते की सदस्य थी और हर समय कंडुलना के साथ ही रहती थी. नक्सली कब्जे से निकलने के बाद पीड़िता ने अपने साथ हुए यौन शोषण को लेकर कई नक्सलियों के नाम भी बताए. आज वह महज 12 साल की है. उसने बताया कि दो साल पूर्व तक वह अपने गांव में दूसरी लड़कियों की तरह स्कूल जाती थी. लेकिन कब उस पर माओवादियों की नजर पड़ी, पता भी नहीं चला. एक दिन उसे माओवादियों ने गांव से उठा लिया. पिछले दो साल में नक्सलियों ने उसकी जिंदगी नर्क बना दी.

गिरफ्तार नक्सलियों की निशानदेही पर हुई मुक्त
कुछ दिन पहले करायकेला से गिरफ्तार नक्सलियों की निशानदेही पर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने नाबालिग को माओवादियों के चंगुल से छुड़ाया. चाईबासा के एसपी इंद्रजीत महथा ने बताया कि नाबालिग पर नक्सली कांड के तहत 7 मामले दर्ज हैं. लेकिन पुलिस आईपीसी की धारा 83 का उपयोग करते हुए उसे सभी आरोपों से मुक्त कर कस्तूरबा स्कूल में दाखिला कराएगी. एसपी के मुताबिक धारा 83 के तहत सात से 12 साल के बच्चों पर लगे संगीन आरोपों को पुलिस विशेष परिस्थिति में हटा सकती है.

(रिपोर्ट- उपेंद्र गुप्ता)

ये भी पढ़ें- खूंटी: कुएं में महिला समेत तीन के शव मिलने से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पश्चिमी सिंहभूम से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 23, 2020, 10:55 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर