सारंडा के 50 युवकों को वन मित्र के रूप में अपने क्षेत्र में ही मिली नौकरी

सारंडा के 40 गांव में बड़े पैमाने पर वन मित्र बहाल किए जाने से ना सिर्फ वन विभाग का सूचना तंत्र मजबूत होगा बल्कि वन की सुरक्षा भी आसानी से की जा सकेगी.

Upendra Gupta | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 13, 2018, 11:05 PM IST
सारंडा के 50 युवकों को वन मित्र के रूप में अपने क्षेत्र में ही मिली नौकरी
गांव के नौजवानों को वन मित्र के रूप में मिली नौकरी
Upendra Gupta | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 13, 2018, 11:05 PM IST
पश्चिम सिंहभूम के नक्सल प्रभावित सारंडा की सुरक्षा और स्थानीय आदिवासी युवकों को रोजगार देने के लिए वन विभाग ने एक पहल की है. सारंडा के 50 युवकों को वन मित्र के रूप में नियुक्त किया गया है, जो सारंडा के वन संपदा की रक्षा करेंगे. इससे इन आदिवासी युवकों को अपने गांव में ही रोजगार मिल गया है. इन वन मित्रों को थालकोबाद के गेस्ट हाउस में कार्यक्रम आयोजित कर जैकेट, टी-शर्ट, कॉपी-पेन, टॉर्च, बैग, स्टीकर और डंडे का वितरण किया गया.

मौके पर सारंडा के सीएफ सतीश चन्द्र राय, रेंजर सुरेन्द्र सिंह, जीएल भगत, विजय, सुधीर कुमार लाल और आईएफएस अधिकारी श्रीकांत कुमार मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान सीएफ सतीश चन्द्र राय ने नव नियुक्त वन मित्रों को संबोधित करते हुए वन और वन सम्पदा सहित वन्य प्राणी को बचाने के लिए वन मित्रों से सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि वन की सुरक्षा के लिए ये सामग्री उन्हें दी जा रही है. उन्हें इस कार्य के लिए विभाग द्वारा एक तय मानदेय भी दिया जाएगा.

सीएफ ने बताया कि उनका क्षेत्र सारंडा के वनों से घिरा हुआ काफी बड़ा क्षेत्र है. वन की सुरक्षा के लिए विभाग के पास मानव संसाधन की कमी थी. इस कारण विभाग का भी संपर्क सारंडा के ग्रामीणों से कटा हुआ रहता था. लेकिन अब सारंडा के 40 गांव में बड़े पैमाने पर वन मित्र बहाल किए जाने से ना सिर्फ वन विभाग का सूचना तंत्र मजबूत होगा बल्कि वन की सुरक्षा भी आसानी से की जा सकेगी. सारंडा के ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति विश्वास भी बंढ़ेगा और इससे यहां के ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा.​
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