सुर्खियां: पत्थलगड़ी समर्थकों ने 13 गांव के लोगों को सरकारी लाभ लेने से रोका

सोमवार को बीडीओ कामेश्वर बेदिया और मानकी- मुंडाओं के बीच बैठक हुई. इस दौरान बीडीओ को जानकारी दी गई कि बंदगांव में पत्थलगड़ी समर्थक सरकारी लाभ लेने से ग्रामीणों को रोक रहे हैं. ग्रामीणों को एक रुपये में जहाज का सफर, ट्रेन की यात्रा और अनाज का लालच दिया जा रहा है.

News18 Jharkhand
Updated: June 19, 2019, 8:24 AM IST
सुर्खियां: पत्थलगड़ी समर्थकों ने 13 गांव के लोगों को सरकारी लाभ लेने से रोका
पत्थलगड़ी समर्थकों ने 13 गांव के लोगों को सरकारी लाभ लेने से रोका
News18 Jharkhand
Updated: June 19, 2019, 8:24 AM IST
पश्चिमी सिंहभूम में पत्थलगड़ी समर्थक सरकारी लाभ लेने से ग्रामीणों को रोक रहे हैं. पत्थलगड़ी समर्थकों ने बंदगांव की तीन पंचायतों के 13 गांव के लोगों का राशन कार्ड, आधार कार्ड व बैंक पासबुक छीन लिया है. यह मामला बीडीओ के साथ बैठक में सामने आया. सोमवार को बीडीओ कामेश्वर बेदिया और मानकी- मुंडाओं के बीच बैठक हुई. इस दौरान बीडीओ को जानकारी दी गई कि बंदगांव में पत्थलगड़ी समर्थक सरकारी लाभ लेने से ग्रामीणों को रोक रहे हैं. ग्रामीणों को एक रुपये में जहाज का सफर, ट्रेन की यात्रा और अनाज का लालच दिया जा रहा है. लोकसभा चुनाव में वोटिंग करने वाले ग्रामीणों का बहिष्कार किया जा रहा है. फरार आरोपी जोसेफ पुरती और मुढ़ू के बिरसा ओड़िया ग्रामीणों को उकसा रहे हैं. इस खबर को प्रभात खबर और हिन्दुस्तान ने हेडलाइन बनाकर छापा है.

मिशनरीज ऑफ चैरिटी के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश 



मिशनरीज ऑफ चैरिटी और उससे जुड़ी पांच संस्थाओं के खिलाफ अलग से सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है. यह सिफारिश झारखंड गृह विभाग के संयुक्त सचिव ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव से की है. इससे संबंधित रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों की भी जानकारी गृह मंत्रालय को दी गई है. जानकारी में ये कहा गया है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी एवं इससे संबंधित पांच अन्य संस्थाएं एफसीआरए के तहत निबंधित हैं. रांची के कोतवाली थाना स्थित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में चैरिटी के खिलाफ दर्ज केस की जांच के दौरान कई तथ्य मिले हैं. प्रभात खबर ने इस खबर को भी प्रमुखता से छापा है.

जल संकट के लिए बनेगी समेकित योजना

सूबे को जल संकट से निजात दिलाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. इसलिए अब अलग- अलग विभागों की बजाय एक समेकित जल योजना तैयार की जाएगी. सीएम रघुवर दास ने सोमवार को अहम फैसला लेते हुए यह आदेश दिया. इसके लिए अंतरविभागिय समिति के गठन को सीएम ने मंजूरी दी है. जल योजना के तहत जल संरक्षण, जल स्रोतों का नवीकरण, वर्षा जल का सदुपयोग जैसे संबंधित कार्य होंगे. 10 हजार जल सेना का गठन पूरे राज्य में किया जाएगा. ये लोग जल संचयन की दिशा में लोगों को प्रेरित करेंगे.

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