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सीएम हेमंत सोरेन से नाराज हुए कोल्हान के हो आदिवासी, खामियाजा भुगतने की धमकी, जानें कारण
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News18 Jharkhand
Updated: January 29, 2020, 12:41 PM IST
सीएम हेमंत सोरेन से नाराज हुए कोल्हान के हो आदिवासी, खामियाजा भुगतने की धमकी, जानें कारण
हो विधायकों को हेमंत मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर हो और मानकी-मुंडा समाज के लोगों ने जताई नाराजगी

हेमंत कैबिनेट में चंपई सोरेन और जोबा मांझी को मंत्री बनाया गया है. दोनों कोल्हान के संथाली आदिवासी समाज से आते हैं. जबकि हो समाज के चार विधायकों में से किसी को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया. इससे मानकी-मुंडा और आदिवासी हो समाज के लोगों सीएम से नाराज हैं.

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चाईबासा. हेमंत कैबिनेट (Hemant Cabinet) में कोल्हान के हो आदिवासी समाज (Ho Tribal) के किसी विधायक (MLA) को जगह नहीं मिलने पर भारी नाराजगी है. और इसको लेकर विरोध भी शुरू हो गया है. मानकी-मुंडा और हो आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने हेमंत सरकार के खिलाफ खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है. और आगामी चुनाव में इसका खामियाजा भुगतने की भी धमकी दी है.

मंगलवार को मानकी-मुंडा संघ के प्रमुखों और हो आदिवासी समाज के लोगों ने बैठक कर कहा कि सीएम हेमंत सोरेन से उन्हें ऐसी उपेक्षा की उम्मीद नहीं थी. मुख्यमंत्री ने पक्षपात और जातिवाद करते हुए कोल्हान के अपने संथाली समाज के दो विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल कराया, लेकिन चार में किसी भी हो आदिवासी विधायक को मंत्री नहीं बनाया. जिससे हो आदिवासी समाज के प्रति उनकी उपेक्षापूर्ण रवैया साफ झलकती है.

कोल्हान में 6 में से 4 जेएमएम विधायक हो समाज के 

बता दें कि कोल्हान की सात विधानसभा सीट पर हो आदिवासी का वर्चस्व है. पश्चिमी सिंहभूम जिले के

चाईबासा, चक्रधरपुर, मनोहरपुर, जगन्नाथपुर, मझगांव और सरायकेला और खरसावां सीट पर आदिवासी हो समाज ही प्रत्याशियों की जीत-हार तय करते हैं. 2014 और 2019 के विधानसभा चुनावों में इनमें से कोई भी सीट पर भाजपा की जीत नहीं हुई. दोनों बार सात में 6 सीट पर जेएमएम का कब्जा हुआ. जबकि एक सीट जगन्नाथपुर पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कराई.

इन सात में से चार सीटों पर हो आदिवासी समाज के जेएमएम विधायक हैं. चाईबासा से दीपक विरूआ, मझगांव से निरल पूर्ति और खरसावां से दशरथ गगराई आदिवासी हो समाज के जेएमएम विधायक हैं. वहीं जगन्नाथपुर से कांग्रेस विधायक सोनाराम सिंकू भी आदिवासी हो समाज से आते हैं. सरायेकला से चंपई सोरेन और मनोहरपुर से जोबा मांझी संथाली आदिवासी समाज से आते हैं. चक्रधरपुर से जेएमएम विधायक सुखराम उरांव आदिवासी उरांव समाज से हैं.

मंत्रिमंडल में हो विधायकों को जगह नहीं मिलने पर नाराजगी हेमंत कैबिनेट में चंपई सोरेन और जोबा मांझी को मंत्री बनाया गया है. दोनों संथाली आदिवासी समाज से आते हैं. मानकी-मुंडा और आदिवासी हो समाज के लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोल्हान के इन दो संथाली विधायकों को मंत्री बनाया, जबकि वे चाहते तो दो में से एक हो आदिवासी विधायक को मंत्री बना सकते थे. लेकिन उन्होंने अपने समाज को तरजीह दी.

बता दें कि सरकार गठन के करीब एक महीने के बाद मंगलवार को हेमंत कैबिनेट का विस्तार हुआ. सात मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. इनमें पांच जेएमएम और दो कांग्रेस कोटे के मंत्री हैं. इससे पहले विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 29 दिसंबर को सीएम के साथ तीन मंत्रियों ने शपथ ली थी.

इनपुट- उपेन्द्र गुप्ता

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First published: January 29, 2020, 12:40 PM IST
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