IAS Success Story: इंटरव्‍यू में पूछा गया नोक‍िया से जुड़ा ये सवाल, जवाब देकर ह‍िमांशु बने IAS अध‍िकारी

IAS Success Story: इंटरव्‍यू में पूछा गया नोक‍िया से जुड़ा ये सवाल, जवाब देकर ह‍िमांशु बने IAS अध‍िकारी
यूपीएससी स‍िव‍िल सेवा इंटरव्‍यू में ह‍िमांशु जोशी से जो सवाल पूछे गए उसमें नोक‍िया से जुड़ा भी एक सवाल था.

IAS Success Story: यूपीएससी स‍िव‍िल सेवा के इंटरवयू में ह‍िमांशु से पूछा गया कि‍ नोक‍िया बाजार में क्‍यों नहीं ट‍िक पाई. ह‍िमांशु ने क्‍या जवाब द‍िया, जानें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 6:09 PM IST
  • Share this:
IAS Success Story: यूपीएससी की स‍िव‍िल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस बनने का सपना देखने वाले उम्‍मीदवारों के सामने ये बड़ा सवाल रहता है क‍ि तैयारी कैसे करें और इस परीक्षा में उन्‍हें सफलता कैसे प्राप्‍त होगी. देश ही नहीं, बल्‍क‍ि पूरी दु‍न‍िया में सबसे मुश्‍क‍िल परीक्षाओं में से एक स‍िव‍िल सेवा परीक्षा में सफलता हास‍िल करना आसान नहीं है. इसके ल‍िये कड़ी मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है. जो धैर्य के साथ लक्ष्‍य की ओर बढ़ते रहते हैं, उनके ल‍िये यह परीक्षा पास करना नामुमक‍िन नहीं है. हरियाणा के जींद निवासी हिमांशु जैन भी उनमें से एक हैं. ह‍िमांशु गूगल में काम कर चुके हैं और अच्‍छे पैकेज को छोड़कर, उन्‍होंने यूपीएससी आईएएस परीक्षा की तैयारी की और तीसरी कोश‍िश में सफलता हास‍िल कर ली.

ह‍िमांशु ने तैयारी के पहले साल कोचिंग की मदद ली. पहले साल उन्‍होंने प्रील‍िम्‍स परीक्षा तो पास कर ली लेक‍िन मेन्‍स एग्‍जाम में उन्‍हें सफलता नहीं म‍िली. इसके बाद ह‍िमांशु ने सेल्‍फ स्‍टडी की और तीसरी बार में उन्‍होंने 44वां रैंक हास‍िल कर द‍िखा द‍िया क‍ि सेल्‍फ स्‍टडी के दम पर कोई भी मुश्‍क‍िल से मुश्किल परीक्षा पास की जा सकती है. बस आपको ये पता होना चाह‍िये क‍ि पढ़ना क्‍या है. ह‍िमांशु कहते हैं क‍ि प्री और मेन एग्‍जाम पास करने के बाद इंटरव्‍यू के ल‍िये कैंडिडेट्स को मानस‍िक तौर पर सतर्क रहना चाह‍िये. इसमें सवाल हमेशा आपके इर्द-गिर्द ही पूछे जाते हैं.

ह‍िमांशु का आईटी बैकग्राउड था और उन्‍होंने गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपन‍ियोंं के साथ काम क‍िया था, इसल‍िये उनसे इस क्षेत्र के प्रश्‍न पूछे गए.



इंटरव्‍यू में पूछे गए ऐसे सवाल:
1. नोकिया मार्केट में क्यों नही टिक पाया?
ह‍िमांशु ने इसका सीधा और सपाट उत्‍तर द‍िया. उन्‍होंने कहा क‍ि कंपनी ने वक्त रहते अपने प्रोडक्ट में जरूरी बदलाव नहीं क‍िये. इसल‍िये वह बाजार में नहीं ट‍िक सका.

2. आपको आईएएस क्‍यों चुना जाना चाह‍िये?
ह‍िमांशु ने कहा कि‍ मैं सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी ला सकता हूं, मुझे लोगों से बात करना और उनकी समस्‍याओं का समाधान न‍िकाना मुझे पसंद है.

3. आपके व्यक्तित्व की क्या विशेषता है?
ह‍िमांशु ने कहा मैं अपने काम को ईमानदारी से पूरा करने की कोशिश करता हूं.

4. एनजीओ के साथ जुड़ने का आपका अनुभव कैसा रहा?
कॉलेज छोड़ते समय लड़के लड़कियां अपना सामान हॉस्टल में ही छोड़ जाते थे, मैंने वो सामान एनजीओ की मदद से जरूरतमंदों तक पहुंचाया. मुझे यह महसूस हुआ क‍ि मैं समाज को कुछ दे रहा हूं.

5. सिविल सर्विस और लाइफ के बीच संतुलन कैसे बनाएंगे?
ह‍िमांशु ने जवाब द‍िया क‍ि मैं पढ़ाई और खेल के बीच बैलेंस बनाकर खेलता रहा हूं, आगे भी ऐसे ही करुंगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज