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Know Your Army Heroes: दुश्‍मन के बंकर में ग्रेनेड फेंक जख्‍मी सूबेदार सिंह ने बचाई साथियों की जान, हुई शहादत

Know Your Army Heroes: दुश्‍मन के बंकर में ग्रेनेड फेंक जख्‍मी सूबेदार सिंह ने बचाई साथियों की जान, हुई शहादत

सूबेदार राजबहादुर सिंह के अद्भुत साहस, वीरता और युद्ध कौशल के मद्देजनर उन्‍हें वीर चक्र से सम्‍मानित किया गया था.

सूबेदार राजबहादुर सिंह के अद्भुत साहस, वीरता और युद्ध कौशल के मद्देजनर उन्‍हें वीर चक्र से सम्‍मानित किया गया था.

Know Your Army Heroes: ऑपरेशन कैक्‍टस लिली को अमली जामा पहनाने निकले सूबेदार राजबहादुर सिंह पाकिस्‍तानी सेना द्वारा बिछाए गए लैंड माइन की चपेट में आ गए. गंभीर रूप से जख्‍मी होने के बावजूद उन्‍होंने रण छोड़ने से इंकार कर दिया. अपने साथियों की जान बचाने के लिए उन्‍होंने अपने प्राणों का सर्वोच्‍च बलिदान दे दिया.

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नई दिल्‍ली. पूर्वी पाकिस्‍तान (मौजूदा बांग्‍लादेश) में हालात अब काबू से बाहर जा चुके थे. पाकिस्‍तानी सेना एक तरफ भारत के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ बांग्‍लादेश की निर्दोष जनता पर अत्‍याचार की सारी सीमाएं पार कर रही थी. पाकिस्‍तानी सेना की तरफ से लगातार हो रही उकसावे की कार्रवाई पर नकेल कसने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन कैक्‍टस लिली की शुरूआत की. ऑपरेशन कैक्‍टस लिली को अंजाम तक पहुंचाने की जिम्‍मेदारी बिग्रेड ऑफ गार्ड्स को दी गई.

सूबेदार राज बहादुर सिंह की तैनाती उन दिनों ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स की एक कंपनी में सेकेंड इन कमांड के तौर पर थी. उनकी कंपनी को ईस्‍टर्न सेक्‍टर स्थित दुश्‍मन की एक पोेस्‍ट पर कब्‍जा करने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी. हमले के दौरान, सूबेदार राजबहादुर सिंह अचानक एक माइन ब्‍लास्‍ट की चपेट मे आ गए. माइन ब्‍लास्‍ट की चपेट में आने की वजह से सूबेदार राजबहादुर सिंह बुरी तरह से जख्‍मी हो गए. गंभीर रूप से जख्‍मी होने के बावजूद सूबेदार राजबहादुर सिंह ने युद्ध भूमि छोड़ने से इंकार कर दिया.

दुश्‍मन के बंकर में हैंड ग्रेनेड लेकर कूद गए सूबेदार और फिर..
इसी बीच, सूबेदार राजबहादुर सिंह की नजर दुश्‍मन के एक बंकर पर पड़ी. इसी बंकर से दुश्‍मन हैवी मशीन गन से उनके साथियों को निशाना बना रहा था. सूबेदार राजबहादुर सिंह ने अपनी जिंदगी और जख्‍मों की परवाह किए बगैर दुश्‍मन के बंकर को ध्‍वस्‍त करने का निश्‍चय कर लिया. सूबेदार राजबहादुर सिंह माइन फील्‍ड और कटीले तारों के बीच से गुजरते हुए दुश्‍मन के बंकर तक पहुंचने में सफल हो गए. उन्‍होंने बिना देरी किए दुश्‍मन के बंकर में हैंड ग्रेनेड फेकना शुरू कर दिया. हैंड ग्रेनेड के फटते ही दुश्‍मन के चीथड़े उड़ गए और मशीनगन खामोश हो गई.

अद्भुत युद्ध कौशल के लिए मिला वीर चक्र का सम्‍मान
हालांकि, अपने इस निश्‍चय को पूरा करते हुए सूबेदार राजबहादुर सिह गंभीर रूप से जख्‍मी हो गए और युद्ध भूमि में देश के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्‍च ब‍लिदान दे दिया. सूबेदार राजबहादुर सिंह के अद्भुत साहस, वीरता और युद्ध कौशल के मद्देजनर उन्‍हें वीर चक्र से सम्‍मानित किया गया था. उन्‍हें यह सम्‍मान 24 नवंबर 1974 को प्रदान किया गया था.

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Tags: Heroes of the Indian Army, Indian army, Indian Army Heroes, Indo-Pak War 1971

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