होम /न्यूज /नौकरियां /

कभी 12वीं में फेल होने वाले स्टूडेंट ने ऐसे हासिल किया मुकाम, आज हैं IPS अफसर

कभी 12वीं में फेल होने वाले स्टूडेंट ने ऐसे हासिल किया मुकाम, आज हैं IPS अफसर


आज हम IPS अफसर मनोज कुमार की कहानी बता रहे हैं. वहीं मनोज कुमार जो किसी जमाने में 12वीं में फेल हो गए थे.

आज हम IPS अफसर मनोज कुमार की कहानी बता रहे हैं. वहीं मनोज कुमार जो किसी जमाने में 12वीं में फेल हो गए थे.

आज हम IPS अफसर मनोज कुमार की कहानी बता रहे हैं. वहीं मनोज कुमार जो किसी जमाने में 12वीं में फेल हो गए थे. इसके बाद मनोज ने टैंपो में कंडक्टरी की और फिर अमीर घरों में कुत्ता घुमाने का काम भी किया.

    नई दिल्ली. स्कूल और कॉलेज में फेल होना बहुत से बच्चों के लिए डिप्रेशन का कारण बन जाता है. कई बार उनके घर के लोग भी बच्चों को कमजोर और नकारा समझ लेते हैं. ऐसे ही एक स्टूडेंट 12वीं में फेल होता है, मगर असफलता से इस स्टूडेट ने हार नहीं मानी, बल्कि उसने इसे चुनौतियों की तरह लिया और आगे बढ़ने लगा. आज वही लड़का महाराष्ट्र कैडर में आईपीएस है.

    आज हम IPS अफसर मनोज कुमार की कहानी बता रहे हैं. वहीं मनोज कुमार जो किसी जमाने में 12वीं में फेल हो गए थे. इसके बाद मनोज ने टैंपो में कंडक्टरी की और फिर अमीर घरों में कुत्ता घुमाने का काम भी किया. इस बीच मनोज ने यूपीएससी की परीक्षा भी दी. मनोज 2005 बैच के महाराष्ट्र कैडर से IPS ऑफिसर हैं. मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में जन्मे मनोज 12वीं तक पढ़ाई में औसत छात्र थे. वे नौवीं, दसवीं और 11वीं में थर्ड डिवीजन पास हुए थे. 12वीं में नकल नहीं कर पाए तो फेल हो गए थे. उनकी छवि एक कमजोर स्टूडेंट की थी.

    एक इंटरव्यू में उन्होंने माडिया को बताया कि उनका प्लान 12वीं में जैसे-तैसे पास होकर, टाइपिंग सीखकर कहीं न कहीं जॉब खोजने का था. उन्होंने 12वीं की परीक्षा में नकल करने का भी पूरा प्लान बना रखा था, लेकिन एसडीएम ने स्कूल में सख्ती की और नकल नहीं हुई, इससे वो फेल हो गए. तब मनोज को लगा ऐसा पॉवरफुल आदमी कौन है जिसने सबकुछ रुकवा दिया. ऐसे में उनके मन में भी वही बनने का ख्याल आया. इसके साथ ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की.

    तैयारी करने के लिए वो दिल्ली आये. यहां मनोज अमीर घरों के कुत्ते टहलाने का काम करने लगे, जिसके लिए उन्हें 400 रुपये प्रति कुत्ता मिलता था. इसके बाद उनको एक कोचिंग में बिना पैसे दिए ही यूपीएससी की कोचिंग करने का मौका मिल गया. पहले ही प्रयास में मनोज ने प्री एग्जाम निकाल लिया जिसके बाद उनका हौंसला और भी बढ़ गया.

    कोचिंग के दौरान हुआ प्यार
    मनोज को यूपीएसी की कोचिंग के दौरान एक लड़की से प्यार हो गया. उन्होंने कई बार उस लड़की से प्यार का इजहार करना चाहा, मगर डरते थे लड़की 12वीं फेल कहकर मना न कर दें. लेकिन उनके सब्र का बांध टूटा औ उन्होंने लड़की से अपने दिल की बात कह दी. इस पर लड़की ने भी रजामंदी जता दी. इसके बाद क्या था मनोज दोगुने उत्साह के साथ तैयारी करने लगे. इसके बाद साल 2005 में मनोज को सफलता हाथ लगी और वह आईपीएस बने.

    फिलहाल मनोज मुंबई में एडिशनल कमिश्रनर ऑफ वेस्ट रीजन के पद पर तैनात हैं. मनोज ने चौथे अटेम्प्ट में यूपीएससी की परीक्षा 121वीं रैंक के साथ पास की और आईपीएस बने. बता दें कि मनोज ग्वालियर से पोस्ट-ग्रैजुएशन करने के बाद पीएचडी भी पूरी कर चुके हैं. मनोज की लाइफ और संघर्ष पर लेखक अनुराग पाठक ‘12th फेल, हारा वही जो लड़ा नहीं’ किताब भी लिख चुके हैं.

    ये भी पढ़ें- NTA ने इन सात परीक्षाओं की अप्लीकेशन डेट बढ़ाई, यहां देखें पूरी लिस्टundefined

    Tags: Coronavirus in India, IAS exam, IPS, UPSC, UPSC results

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर