खुशखबरी ! इंटर के बाद डीएलएड करने वाले 69000 शिक्षक भर्ती में चयन के योग्य

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने कहा कि एनसीटीई के नियम प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा की परिकल्पना करते हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंटरमीडिएट के बाद डीएलएड करने वालों को 69000 शिक्षकों की भर्ती के योग्य मानने का फैसला पूजा तिवारी की याचिका पर सुनाया है. याचिकाकर्ता ने उस नियम को चुनौती दिया था, जिसमें कहा गया था कि ग्रेजुएशन के बाद डीएलएड करने वाले ही योग्य माने जाने जाएंगे.

  • Share this:
    नई दिल्ली. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंटरमीडिएट के बाद डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) करने वालों को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों को 69000 शिक्षक भर्ती में चयन के योग्य करार दिया है. अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि इस आधार पर नियुक्ति से इनकार करना कि उम्मीदवार ने इंटरमीडिएट के बाद डीएलएड किया है, ना कि स्नातक के बाद, प्रथम दृष्टया अवैध है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह फैसला 69000 शिक्षक भर्ती में चयनित पूजा तिवारी द्वारा दायर याचिका पर सुनाया है.

    पूजा तिवारी ने हाईकोर्ट में शिक्षक भर्ती के उस नियम को चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि ग्रेजुएशन के बाद डीएलएड करने वाले ही योग्य माने जाने जाएंगे. याचिकाकर्ता पूजा तिवारी ने 12वीं के बाद डीएलएड किया था और इस भर्ती में अंतिम रूप से चयनित हुई हैं. उन्हें मैनपुरी जिले में नियुक्ति दी गई है लेकिन अभी तक विद्यालय नहीं मिला है.

    एनसीटीई के नियम का ये है नियम 

    हाईकोर्ट के समक्ष बहस के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि एनसीटीई की 28 नवंबर 2014 के रेग्युलेशन में स्पष्ट है कि 50 फीसदी अंक के साथ इंटरमीडिएट पास करने के बाद शिक्षक प्रशिक्षण लेने वाले सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए योग्य माने जाएंगे. यह बात NCTE की 28 नवंबर 2014 के रेगुलेशन में स्पष्ट है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने तर्कों पर विचार करने के बाद कहा कि एनसीटीई के नियम प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा की परिकल्पना करते हैं.

    याचिकाकर्ता को स्कूल आवंटित करने का आदेश

    याचिकाकर्ता को पहले ही 5 दिसंबर, 2020 के आदेश के तहत सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त किया जा चुका है. यह आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी, मैनपुरी द्वारा जारी किया गया है. कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया परिपत्र दिनांक 18.01.2021 का खंड 23 विधि विरुद्ध प्रतीत होता है. नतीजतन, न्यायालय ने अंतरिम रहत के रूप में निर्देश देते हुए 18 जनवरी 2021 के सर्कुलर के खंड 23 को स्टे किया जाता है. साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तुरंत एक स्कूल आवंटित करने का आदेश दिया.

    ये भी पढ़ें-

    Indian Navy Recruitment 2021: भारतीय नौसेना में अफसर बनने का सुनहरा मौका, ऐसे करें आवेदन

    RBSE Result 2021 : राजस्थान बोर्ड के 10वीं, 12वीं के छात्र ऐसे होंगे पास, ये है पूरा फॉर्मूला

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.