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Career Tips: इंडियन रेलवे में कैसे बने लोको पायलट? जानें जरूरी योग्यता

Career Tips: जानिए लोको पायलट की नौकरी कैसे मिलेगी.

Career Tips: जानिए लोको पायलट की नौकरी कैसे मिलेगी.

Career Tips: ऐसी कई अच्छी सरकारी नौकरियां हैं. जिसमे कैंडिडेट्स अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं. इन्ही में से एक है लो ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

इसके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से कैंडिडेट्स का पूरी तरह फिट होना ज़रूरी है.
सभी कैंडिडेट्स के ओरिजनल डॉक्युमेंट्स की बारीकी से जांच की जाती है.
इस टेस्ट को पर्सनालिटी या फिर साइकोलॉजिकल टेस्ट भी कहा जाता है.

नई दिल्ली. Career Tips: सरकारी नौकरी आज के समय में हर कोई पाना चाहता है. इसमें ज़्यादातर कैंडिडेट्स IAS, प्रोफेसर या फिर टीचर बनने का फैसला लेते हैं. लेकिन इनके अलावा भी ऐसी कई अच्छी सरकारी नौकरियां हैं. जिसमे कैंडिडेट्स अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं. इन्ही में से एक है लोको पायलट. ये भी एक बहुत अच्छा करियर विकल्प साबित हो सकता है. इस पद को पाने के लिए ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन करने की ज़रुरत भी नहीं होगी.

इस पद पर कैंडिडेट्स को सीधी भर्ती नहीं मिलती है. इसमें सबसे पहले कैंडिडेट को असिस्टेंट लोको पायलट की जॉब मिलती है, जिसके बाद सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट और फिर जाके कैंडिडेट्स लोको पायलट बनते हैं. लेकिन इस पद को हासिल करने से पहले कैंडिडेट्स को एंट्रेंस एग्जाम देना क्लियर करना होगा.


लोको पायलट क्या है?
ये इंडियन रेलवेज का एक सरकारी पद है. जो ग्रुप सी की श्रेणी में आता है. भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक मन जाता है. जिससे रोजाना लाखों यात्री अपना सफर तय करते हैं. रेल चालकों को लोको पायलट कहा जाता है. इसके साथ ही लोको पायलट को रेलगाड़ी और पटरियों की जांच, मेंटेनेंस और हर तरह की छोटी-मोटी तकनीकी खराबियों की रिपेयर करना भी सिखाया जाता है. जिससे आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वो हमेशा तैयार रहें.

ये पद सिर्फ पुरुषों के लिए ही नहीं है, भारतीय रेलवे में बहुत सी महिलाएं भी लोको पायलट बनकर अपने करियर को एक अच्छी दिशा देती है. बता दें, सुरेखा शंकर यादव भारत रेलवेज की सबसे पहली महिला लोको पायलट हैं जिन्होंने अपनी अपने करियर की शुरुआत साल1988 में शुरु की थी.

एलिजिबिलिटी
1. कैंडिडेट्स का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना बहुत ज़रूरी है.
2. कैंडिडेट्स 12वीं के बाद भी लोको पायलट का डिप्लोमा कर सकते हैं. जिसकी समय सीमा 2 साल की होगी.
3. 10वीं पास करने के बाद कैंडिडेट्स IIT या फिर पॉलीटेक्निक से 2 साल का डिप्लोमा कर सकते हैं. ये डिप्लोमा आप मेकेनिकल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक या फिर इलेक्ट्रिकल जैसे सब्जेक्स में किया जा सकता है.
4. कैंडिडेट्स जिस इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा कर रहे हैं उसे NCVT, SCVT या AICTE से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए.
5. कैंडिडेट्स शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होने चाहिए.
6. कैंडिडेट्स की विजन 6/6 होना चाहिए. किसी भी तरह की कलर ब्लाइंडनेस न हो.
7. दौरे पड़ना, हार्ट की प्राब्लम या फिर कोई मानसिक समस्याएं नहीं होनी चाहिए.

आयु सीमा
असिस्टेंट लोको पायलट बनने के लिए कैंडिडेट्स की उम्र कम से कम 18 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए. सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी आरक्षित वर्ग और पूर्व सर्विसमैन कैंडिडेट्स को आयु सीमा में छूट दी गयी है.

सिलेक्शन प्रोसेस
असिस्टेंट लोको पायलट बनने के लिए रेल्वे रिक्रूटमेंट बोर्ड यानी RRB की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया जाता है. कैंडिडेट्स को अपनी एलिजिबिलिटी का ध्यान रखते हुए एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना है. जिसके कुछ समय बाद एडमिशन कार्ड जारी किए जाते हैं जिसमें एग्जाम सेंटर से जुड़ी डिटेल्स मौजूद होती हैं. ये एग्जाम कई लेवल पर कंडक्ट किया जाता है.

1. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट
यह 1 घंटे का रिटर एग्जाम होता है जिसमें कुल 75 सवाल पूछे जाते हैं. इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप के क्वेश्चन पूछे जाते हैं. जिनमे गणित, रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस और साइंस जैसे सब्जेक्ट्स शामिल हैं. इस एग्जाम के बाद कटऑफ देख कर ही अगले स्टेज पर जा सकते हैं.

2. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट 2
यह कंप्यूटर आधारित एग्जाम का दूसरा भाग है. इसमें टेक्निकल सब्जेक्ट्स पर आधारित कुल 75 क्वेश्चन पूछे जाते हैं. जिसके लिए कैंडिडेट्स को एक घंटे का समय दिया जाता है. कैंडिडेट्स ने जिस फील्ड की पढ़ाई की होती है इसमें उसी सेक्शन के सवालों को हल करना होता है. जो कैंडिडेट्स इसमें कम से कम 35% नंबर लाते हैं वो तीसरे स्टेज के लिए क्वालीफाई कर लेते हैं.

3. कंप्यूटर बेस्ड एप्टीटुड टेस्ट
इस टेस्ट को पर्सनालिटी या फिर साइकोलॉजिकल टेस्ट भी कहा जाता है. इसमें कैंडिडेट्स की पर्सनालिटी, मुश्किल समय में डिसीजन लेने की क्षमता और इंटीग्रिटी जैसे पहलू चेक किए जाते हैं. इस स्टेज को क्वालीफाई करने के लिए कम से कम 42% नंबर लाने होते हैं. इस चरण में माइनस मार्किंग नहीं होती है.

4. डॉक्युमेंट्स का वेरिफिकेशन
सभी कैंडिडेट्स के ओरिजनल डॉक्युमेंट्स की बारीकी से जांच की जाती है. इसके साथ ही योग्यता के अनुसार कैंडिडेट्स को अगले स्टेज में भेजा जाता है.

5. मेडिकल फिटनेस टेस्ट
इसके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से कैंडिडेट्स का पूरी तरह फिट होना ज़रूरी है.

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कितनी होगी सैलरी
एक लोको पायलट को 5200-20,200 और ग्रेड पे 1900 रुपए सैलरी दी जाती है. इसके अलावा कैंडिडेट्स डीए, टीए, नाइट ड्यूटी अलाउंस, ओवरटाइम, रनिंग अलाउंस जैसे आकर्षक भत्ते भी मिलते हैं.

Tags: Career Guidance, Indian Railways, Job news

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