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Sunday Special: एक ऐसा युवक जिसने खुद को एक साल तक कैद कर दिया, इसके बाद बना IAS

News18Hindi
Updated: March 22, 2020, 10:20 AM IST
Sunday Special: एक ऐसा युवक जिसने खुद को एक साल तक कैद कर दिया, इसके बाद बना IAS
आज हम बात बात कर रहे हैं एक ऐसे युवक की जो मुंबई से नौकरी छोड़कर दिल्ली यूपीएससी की तैयारी करने आ गया.

Sunday Special: सुमित दिल्ली में रोज 8 से 10 घंटे की पढ़ाई करते थे. सुमित ने बताया कि उन्होंने खुद को पढ़ाई के लिए घर में कैद कर लिया. इस दौरान शादी ब्याह, नाते रिश्तेदार सभी से दूरी बना ली.

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  • Last Updated: March 22, 2020, 10:20 AM IST
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Sunday Special: बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) करने के बाद एक युवक अपने पिता की फर्म में काम करता है. सब कुछ अच्छा चल रहा था. पैसे भी पर्याप्त मिल रहे थे, लेकिन उसके मन में अचानक यूपीएससी की परीक्षा देकर IAS बनने का विचार आता है. युवक के मन में यह विचार अपने दोस्त के आईआरएस पिता को देखकर आया था. फिर क्या था घर वालों का सपोर्ट मिलते ही युवक दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी करने के लिए आ गया. आज हम बात बात कर रहे हैं एक ऐसे युवक की जो मुंबई से नौकरी छोड़कर दिल्ली यूपीएससी की तैयारी करने आ गया.

इस युवक का नाम एनएच-3 निवासी सुमित भाटिया है. सुमित दिल्ली में रोज 8 से 10 घंटे की पढ़ाई करते थे. सुमित ने बताया कि उन्होंने खुद को पढ़ाई के लिए घर में कैद कर लिया. इस दौरान शादी ब्याह, नाते रिश्तेदार सभी से दूरी बना ली. सालभर कहीं भी नहीं गए. किसी भी नाते-रिश्तेदार से नहीं मिले. कमरे में कैद सिर्फ परीक्षा की तैयारी की. इस दौरान सिर्फ IAS बनने की थी. इस जिद को पूरा करने के लिए दिन-रात जुटे रहे. शादी, दोस्तों की पार्टी से दूर सिर्फ तैयारी में लगे रहे.

2013 में थोड़ी उम्मीद जगी
सुमित को साल 2013 में आंशिक सफलता मिली. इस साल उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की. इस सफलता से उनका मनोबल बढ़ा. उन्हें लगा की इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया जा सकता है. इसके बाद 2014 में उन्हें सफलता भी मिली. देश में 561वां रैंक मिला. इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस में उनकी पोस्टिंग हुई. लेकिन सुमित के मन में कहीं न कहीं आईएएस बनने की कसक थी, जो उनको बार-बार उकसाती थी. इसके बाद सुमित ने फिर से यूपीएससी की तैयारी की.



दूसरे प्रयास में बने आईआरएस
साल 2015 में एक बार फिर सुमित को सफलता मिली, लेकिन लक्ष्य दूर रहा. 280वें रैंक के साथ उन्हें आईआरएस मिला. आखिरकार 2016 में आईएएस बनने का सपना भी साकार हो गया. अबकी बार परीक्षा में उन्हें 166वीं रैंक मिली.

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First published: March 22, 2020, 10:20 AM IST
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